
Noida News : नोएडा। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी नोएडा में साइबर ठगों का जाल न केवल इंडिया बल्कि इंडिया के बाहर भी फैल रहा है। ऐसे ही एक मामले का खुलासा नोएडा केि थाना फेस 1 पुलिस ने किया है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नोएडा में बैठकर अमेरिका (USA) के लोगों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लैपटॉप, डेस्कटॉप, मोबाइल फोन, इंटरनेट स्विच बोर्ड, इंटरनेशनल क्लाइंट की सूची सहित अन्य सामान बरामद हुआ है।
एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि थाना फेस 1 प्रभारी ध्रुव भूषण दुबे को सूचना मिली थी कि सेक्टर 2 के बी ब्लॉक में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। इस कॉल सेंटर के जरिए ठग गिरोह के सदस्य इंटरनेट कॉल कर USA के लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी दिलाने के नाम पर ठगने का काम कर रहे हैं। सूचना के आधार पर गठित टीम ने बताए गए स्थान पर छापा मारा। पुलिस को देखकर यहां काम कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके से 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने यहां से साफ कंप्यूटर डेस्कटॉप सत वाई-फाई राउटर, इंटरनेट स्विच बोर्ड, लैपटॉप, हेडफोन, कॉलिंग शीट, वर्कशीट, रिज्यूम, क्लाइंट लिस्ट, डॉयलर नंबर लिस्ट सहित अन्य सामान बरामद किया। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम निखिल यशवंत निवासी दिल्ली, अंकुश गुप्ता निवासी गाजियाबाद, कोसन निवासी नोएडा, दीपांशु चौहान कल्याणपुरी दिल्ली, नितिन सिंह सोनिया विहार दिल्ली, हर्ष सिंह सेक्टर 15 नोएडा नितिन चौधरी, निवासी बडोला, अंकित कुमार झा निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली, ऋषभ गुप्ता निवासी कल्याणपुरी दिल्ली, गौरव सिंह निवासी मंडावली वेस्ट विनोद नगर दिल्ली, निशांत कुमार बरोला, कुलदीप मिश्रा न्यू अशोक नगर दिल्ली, कामरान फरीदी निवासी ग्राम निठारी सेक्टर 31 व ताजिम अली निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली बताया।
एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी यूएसए के लोगों को डॉयलर के माध्यम से स्क्रिप्ट को देखकर इंटरनेट कॉल करते हैं। कॉल करने के दौरान यह उस के लोगों को अपना फर्जी नाम बताते थे। आरोपी यूएसए के लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति हेल्थ पॉलिसी लेने के लिए तैयार होता था तो यह उसे कॉल को बताई गई कंपनी को ट्रांसफर कर देते थे। इसकी एवज में इन्हें 30 से 35 डॉलर प्रति व्यक्ति मिलते थे। एडीसीपी ने बताया कि आरोपी बिना लाइसेंस के फर्जी तरीके से इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे।