
Noida News : jewar airport opening date : UP के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बन रहे एयरपोर्ट के उदघाटन का समय तय हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने घोषणा की है कि जेवर एयरपोर्ट (jewar airport opening date) के नाम से विख्यात हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 14 महीने बाद फ्लाइट उडऩी शुरू हो जाएगी। यात्रियों के लिए फ्लाइट उड़ाने से पहले 6 महीने का ट्रॉयल किया जाएगा। इस हिसाब से अगले 8 महीने में एयरपोर्ट का प्रथम चरण बनकर तैयार हो जाएगा।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा की बगल में बस रहे यमुना सिटी में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अडडा बन रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से बन रहे इस एयरपोर्ट को जेवर एयरपोर्ट भी कहा जाता है। इस एयरपोर्ट को बनाने का काम देश की जानी-मानी कंपनी टाटा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बहुत जल्दी बनकर तैयार हो जाएगा
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव (chief secretary) दुर्गा शंकर मिश्रा ने बताया कि अक्टूबर 2024 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट उड़ेगी। उदघाटन की निश्चित तारीख को लेकर उन्होंने बताया कि अभी से दिन व तारीख की घोषणा करना व्यवहारिक नहीं है। यह निश्चित कर लिया गया है कि अक्टूबर 2024 में फ्लाइट अवश्य उड़ाई जाने लगेगी। फ्लाइट उडऩे से पहले रनवे व दूसरी सुविधाओं का 6 महीने तक ट्रॉयल किया जाएगा। इस प्रकार अगले 8 महीने में एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा।
Read Also - Noida News : दबंगों की दबंगई, खेत से रास्ता निकालने के विरोध में महिलाओं को पीटाजेवर एयरपोर्ट का निर्माण कर रही टाटा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के CEO विनायक पाई ने बताया कि एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में 6 हजार मजदूर रात -दिन लगे हुए हैं। शीघ्र ही इन मजूदरों को बढ़ाकर 8 हजार कर दिया जाएगा। 8 हजार श्रमिकों की मेहनत व दुनिया भर के कुशल इंजीनियर मिलकर एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बना रहे हैं।
जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर यमुना प्राधिकरण के सीईओ डा. अरूणवीर सिंह ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ना सिर्फ देश का पहला सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा बल्कि इसका डिजाइन टिकाऊ विकास पर आधारित होगा। यानी यह देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जहां नेट जीरो एमिशन होगा।
यमुना प्राधिकरण के CEO डा. अरूणवीर सिंह ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट पर किसी तरह का कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा और ना ही सीवर बाहर निकाला जाएगा। इसे वातावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। हवाई अड्डे में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जाएगी। इसके साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी भी बनाई जाएगी। Noida News