
Noida News : नोएडा के निजी स्कूलों और स्कूली बच्चों के माता-पिता के बीच एक बार फिर तलवारें खिंचती नजर आ रही हैं। ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन नोएडा में चल रहे कई निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग को लेकर अभिभावकों के साथ एक बड़ी तैयारी में जुट गया है। नोएडा के इन स्कूलों पर शिक्षा विभाग के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। इन स्कूलों पर कोरोना काल के दौरान की फीस का समायोजन न करने और इस संबंध में बात करने पर स्कूल से बच्चे का नाम काटने की धमकी देने का बड़ा आरोप भी है।
बता दें कि शिक्षा विभाग ने दो महीने पहले (5 जुलाई को) ही सर्कुलर जारी कर नोएडा में संचालित हो रहे निजी स्कूलों से कोरोना काल के दौरान की फीस समायोजित करने के संबंध में जानकारी मांगी थी। लेकिन नोएडा के इन स्कूलों पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। इनमें से अधिकांश स्कूल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के नाम पर फीस समायोजित करने के लिए तैयार नहीं हैं।
Noida News : आरोप है कि कोरोना काल के दौरान सत्र 2020-2021 में स्कूल बंद होने के कारण केवल ऑनलाइन कक्षाएं ही संचालित हुई थीं। फिर भी स्कूलों ने अभिभावकों से पूरी फीस वसूल की थी। बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्कूलों को 15 प्रतिशत फीस वापस लौटाने और इसे अगले सत्र में समायोजित करने का आदेश दिया था।
Noida News : इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नोएडा के इन स्कूलों ने कोरोना काल के दौरान वसूली गई फीस के समायोजन में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने 100 स्कूलों पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसके विरोध में इन स्कूलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
Noida News : इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को फीस समायोजन के बारे में रिमाइंडर भी भेजे गए हैं। इसके बावजूद अब तक केवल 50 स्कूलों की तरह से ही फीस समायोजित किए जाने की जानकारी मिली है। जबकि जनपद में साढ़े तीन सौ निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि निजी स्कूल सुप्रीम कोर्ट के नाम फीस समायोजन से बचने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश सरकार कोर्ट के आदेश का स्पष्टीकरण जारी करते हुए जनपद में चल रहे यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड और आईसीएसई बोर्ड के साढ़े तीन सौ स्कूलों को सर्कुलर भेजा था।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी सर्कुलर में इन निजी स्कूलों को एक सप्ताह में फीस समायोजित करने और उसका विवरण उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन स्कूलों ने इस सर्कुलर पर ध्यान नहीं दिया। विभाग द्वारा रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद साढ़े तीन सौ में से केवल 50 स्कूलों ने ही फीस समायोजित की है।
Noida News : इस मामले में अभिभावकों ने भी स्कूल प्रशासन पर बड़े आरोप लगाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि फीस समायोजित करने की बात पर स्कूल प्रशासन कोई उत्तर नहीं देते हैं। जब स्कूल से फीस समायोजित करने की मांग की जाती है, तो स्कूल प्रशासन उलटे अभिभावकों को ही बच्चे का नाम काटने की धमकी देने लगता है।
अभिभावकों को कहना है कि ये निजी स्कूलों न तो शिक्षा विभाग के सर्कुलर का मान रहे हैं और न ही अभिभावकों की समस्याओं से उन्हें कोई लेना-देना है। इन स्कूलों ने बच्चे का नाम काटने की धमकी को अपना एक बड़ा हथियार बना लिया है।
Noida News : इधर जानकारी मिली है कि ऑल नोएडा स्कूल्स पैरेंट्स एसोसिएशन नोएडा के निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग करने जा रहा है। एसोसिएशन के यतेंद्र कसाना के अनुसार शिक्षा विभाग के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए अधिकांश स्कूलों ने न तो फीस समायोजित की है और न ही प्रशासन द्वारा थोपा गया जुर्माना अदा किया है।
इसे देखते हुए एसोसिएशन दो हजार अभिभावकों के साथ मिलकर फीस समायोजित न करने वाले निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग करने वाला है। इसके लिए गूगल फॉर्म के माध्यम से अभिभावकों को जोड़ा जाएगा और आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
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