
Noida News (चेतना मंच)। पिछले करीब 12 दिनों से श्रम विभाग में उप श्रमायुक्त (DLC) का पद खाली पड़ा है। नए उप श्रमायुक्त की नियुक्ति न होने से हजारों श्रमिकों का कामकाज ठप्प पड़ा है। वहीं यहां पर तैनात दो सहायक श्रम आयुक्त (ALC) अस्पताल में भर्ती हैं।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक नोएडा में पिछले करीब 12 दिनों से डीएलसी का पद खाली पड़ा है। किसी नए डीएलसी की अभी तक कोई नियुक्ति नहीं की गई है। इसके अलावा यहां पर तैनात दो सहायक श्रम आयुक्त (ALC) दफ्तर में नहीं है। इनमें से एक एएलसी सुभाष यादव के पेट का ऑपरेशन हुआ है। वें सेक्टर-11 के मेट्रो मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती है। वहीं दूसरी एएलसी शंकर को दिल का दौरा पड़ा है तथा वें भी सेक्टर-12 की मेट्रो हार्ट हॉस्पिटल में अपना उपचार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में डीएलसी तथा दोनों एलसी के न रहने से रोजाना हजारों श्रमिकों का कामकाज प्रभावित हुआ हो रहा है।
रोजाना श्रमिक अपने मामले के लिए यहां आते हैं तथा दिनभर परेशान होकर बैरंग लौट जाते हैं। इसको लेकर विभिन्न श्रमिक यूनियनों में काफी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि श्रम विभाग के मंत्री तथा अन्य शीर्ष अफसर लगता है सौदा न होने के कारण किसी अधिकारी की नियुक्ति यहां नहीं कर पा रहे हैं।
हिंद मजदूर सभा के प्रदेश सचिव आरपी सिंह चौहान का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के लिए गौतम बुद्ध नगर का डीएलसी विभाग किसी कामधेनु से कम नहीं है। ऐसे में संबंधित विभाग के मंत्री व वरिष्ठ अफसर किसी अधिकारी को नियुक्त करने के लिए उसे सौदेबाजी करते हैं। इसीलिए अभी तक यहां पर किसी डीएलसी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जिसका खामियाजा मजदूरों को उठाना पड़ रहा है।
मालूम हो कि यहां पर तैनात उपश्रमायुक्त धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। लिहाजा श्रम विभाग ने 13 सितंबर को उनका यहां से तबादला कर कानपुर स्थित श्रमायुक्त कार्यालय से संबद्घ कर दिया है।