नोएडा में धराए विदेशी Accent वाले देसी ठग, ऐसे जीतते थे लोगों का भरोसा
Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:53 AM
Noida News : नोएडा में एक बेहद शातिर साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जो अमेरिकियों को लोन दिलाने के झांसे में डालकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए गिरोह के 12 सदस्य को गिरफ्तार किया। यह गिरोह नोएडा के जेपी कोसमॉस सोसाइटी में स्थित एक उच्च-स्तरीय ऑफिस से संचालित हो रहा था, जहां वे दिन-रात विदेशी नागरिकों से लोन के नाम पर पैसे ठगने का काम करते थे।
गिरोह की स्मार्ट ऑपरेशन तकनीक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह पूरी तरह से संगठित था और अमेरिकियों का डेटा खरीदने के बाद, टेलीग्राम, स्काइप जैसे ऐप्स के माध्यम से उनके साथ संपर्क करता था। गिरोह के सदस्य खुद को अमेरिकी बैंकों या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट्स के अधिकारी बताकर पीड़ितों को लोन स्कीम का झांसा देते थे। जब पीड़ित लोन लेने के लिए तैयार होते थे, तो उन्हें पहले 300 डॉलर (करीब 25,000 रुपये) की प्रोसेसिंग फीस देने के लिए कहा जाता था जो सीधे बैंक अकाउंट में नहीं, बल्कि गिफ्ट कार्ड्स जैसे Apple eBuy या Walmart कार्ड्स के जरिए ली जाती थी।
ठगी का नया तरीका
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि ठगों ने अपनी ठगी को और हाईटेक बना दिया था। अब वे पैसे USDT (एक डिजिटल करेंसी) में लेते थे, जो ब्लॉकचेन पर आधारित होती है और ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है। इसके अलावा, जब पीड़ित भुगतान करने में असमर्थ होते थे, तो उन्हें फर्जी चेक भेजे जाते थे जिन्हें जब बैंक गलती से क्लियर कर देता, तो ठग पैसे चुराकर गायब हो जाते थे।
फर्राटेदार अंग्रेजी से जीतते थे लोगों का भरोसा
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अंग्रेजी बोलने में माहिर थे। इनमें से कुछ ने बीपीओ कंपनियों में काम किया था, जबकि कुछ ने विदेशी भाषाओं की शिक्षा ली थी। उनका अमेरिकी लहजा, प्रोफेशनल ईमेल्स, और वीडियो कॉलिंग के दौरान सही माहौल बनाने की क्षमता उन्हें बिल्कुल असली बैंक के कर्मचारी जैसा दिखाने में मदद करती थी। पीड़ितों को यह बिल्कुल भी नहीं लगता था कि वे किसी ठग से बात कर रहे हैं।
गिरोह के अन्य सदस्य और मास्टरमाइंड की तलाश जारी
डीसीपी यमुना प्रसाद ने कहा कि यह गिरोह साइबर क्राइम की नई दिशा में काम कर रहा था और सोशल मीडिया, टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करते हुए विदेशी नागरिकों से ठगी को एक पेशेवर रूप दे चुका था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, निवेशकों और इस नेटवर्क के पीछे किसी मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है। इस गिरोह ने न केवल अमेरिका, बल्कि कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों को भी अपना शिकार बनाया है। पुलिस की टीम गिरोह के मोबाइल, लैपटॉप और ऑनलाइन अकाउंट्स की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर रही है, ताकि ठगी के इस जाल को पूरी तरह से उजागर किया जा सके।