हिमालय इंफ्रा कंपनी का निदेशक हाथरस जमीन घोटाले में गिरफ्तार
Noida News
नोएडा
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 10:23 AM
नोएडा
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 10:23 AM
Noida News : जब यमुना विकास प्राधिकरण हाथरस जिले की जमीन को विकसित करने के लिए खरीद रही थी, तब प्राधिकरण के अधिकारियों ने मिलीभगत कर अधिग्रहण से पहले अपने करीबियों के द्वारा वहां के किसानों से औने पौने में जमीनों को खरीदा गया। इस काम को अंजाम देने वाले को करीब 23.92 करोड़ के हाथरस जमीन घोटाले में नोएडा पुलिस ने हिमालय इंफ्रा कंपनी के निदेशक विवेक जैन को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। मामले में यमुना प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ पीसी गुप्ता समेत 29 के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। नोएडा के एसीपी प्रथम की विवेचना के बाद विवेक जैन को गिरफ्तार कर बुधवार को मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। मामले की जांच अभी जारी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया
वर्ष 2019 में बीटा-2 थाने में यमुना विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ पीसी गुप्ता, एसीईओ सतीश कुमार, ओएसडी वीपी सिंह समेत 29 के खिलाफ धोखाधड़ी से लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इनपर आरोप है कि जब यमुना विकास प्राधिकरण हाथरस जिले की जमीन को विकसित करने के लिए खरीद रही थी, तब प्राधिकरण के अधिकारियों ने मिलीभगत कर अधिग्रहण से पहले अपने परिचितों व रिश्तेदारों के माध्यम से वहां की जमीन किसानों से खरीदी। इसमें हिमालय इंफ्राटेक के निदेशक विवेक जैन समेत तत्कालीन ओएसडी के रिश्तेदार ने भूमिका निभाई थी।
जमीन काश्तकारों से नहीं खरीदा
इन लोगों ने जमीन काश्तकारों से नहीं खरीदा। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस मामले में प्राधिकरण के अधिकारी व बिल्डर कंपनी के लोग मिले हुए थे। इससे शासन को करोड़ों का नुकसान हुआ। इस मामले की जांच धीरे धीरे धीमी हो गई थी। बाद में जांच एसीपी प्रथम प्रवीण सिंह को दी गई। विवेचना के बाद कोतवाली बीटा टू व सेक्टर-126 पुलिस की टीम ने विवेक जैन को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अभी कई अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
5 हेक्टेयर की जगह 14.5 हेक्टेयर जमीन की खरीद
पुलिस की जांच में पता चला कि जिस वक्त यमुना प्राधिकरण की तरफ से हाथरस जिले की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा था। उस वक्त योजना के मुताबिक पांच हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता थी लेकिन आरोपियों ने अधिक कमाई के लालच में 14.5 हेक्टेयर जमीन की किसानों से औने पौने दाम में खरीद ली। इसके बाद प्राधिकरण ने बीच वाले लोगों को इसी जमीन की कीमत कुछ दिनों के बाद ही तीन गुना तक बढ़ा दिया।
मथुरा में भी जमीन का फर्जीवाड़ा किया था
इस हाथरस जमीन घोटाले से पहले इसी तरह का घोटाला मथुरा में भी हुआ था। वहां भी इसी तर्ज पर अधिकारियों के करीबी लोगों ने 57 हेक्टेयर जमीन की खरीद की थी। इस मामले में भी हाथरस जमीन घोटाले के आरोपी शामिल रहे हैं। इस मामले की भी जांच की जा रही है। पुलिस की टीम इस तरह के अन्य मामलों में हुई अनियमितता की जांच कर रही है। Noida News
कई अन्य आरोपियों की तलाश
अभी जिस हिमालय इंफ्रा कंपनी के डायरेक्टर विवेक को जमीन घोटाले में गिरफ्तार किया गया है, उस कंपनी में संजीव कुमार सह निदेशक था। संजीव कुमार यमुना प्राधिकरण के तत्कालीन ओएसडी वीपी सिंह का सगा साला है। संजीव समेत 12 आरोपियों के खिलाफ पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इस मामले में कई अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। Noida News