
Noida News (चेतना मंच)। नॉन ड्रूल बाइट ब्लॉक पेटेंट को करीब एक साल की कड़ी मेहनत के बाद डॉ नरेश शर्मा को आखिरकार भारत सरकार द्वारा मान्यता मिली। डॉ. नरेश नोएडा के जाने माने सीनियर शिशु दांत चिकित्सक हैं। वह प्राइवेट प्रैक्टिस करते है तथा बतौर रजिस्ट्रार वा प्रोफेसर के पद पर संतोष यूनिवर्सिटी में कार्यरत है।
यह आविष्कार शिशु दंत विधि में जहां नस के इलाज, क्राउन कटिंग, फुल माउथ रिहैबिलिटेशन करने की जरूरत होती हैं वह नॉन ड्रूल बाइट ब्लॉक का इस्तमाल करके, शिशु को बिना तकलीफ के सालिवा इंजेक्शन, माउथ ओपनिंग वा इंजेक्टिबल्स एक ही ट्यूब द्वारा इलाज किया जा सकता है। इस पेटेंट/अविष्कार में उनकी धर्म पत्नी डॉ संगीता शर्मा जो फेलिक्स हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट गाइनेकोलॉजिस्ट कार्यरत है, भी सहयोगी है।
डॉ नरेश ने यह पैटेंट, अपने बड़े भाई शहीद कैप्टन शशि कांत शर्मा को व अपने पिता फ्लाईट लेफ्टिनेंट जेपी शर्मा तथा मां सुदेश शर्मा को समर्पित किया है। डा. नरेश शर्मा 85 पब्लिकेशन के साथ पेडोडॉन्टिक पर 11 किताब भी लिख चुके है। पहले भी 2011 और 2015 में एचटी द्वारा ‘बेस्ट क्लिनिकल रिसर्चर ऑफ द ईयर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।