
Noida News : नोएडा के वातावरण को साफ सुधरा और प्रदूषित रहित बनाने के लिए नोएडा में करीब छह माह पहले शुरू की गई ई साइकिल सेवा से लोगों ने मुंह फेर लिया है। ई साइकिल की यह सुविधा फ्लॉप साबित हो रही है। इस योजना के कामयाब न होने के कारण फिलहाल ई-साइकिल सेवा के दूसरे चरण पर ब्रेक लगा दिया है।
आपको बता दें कि दो दिन पहले नोएडा आए औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी के समक्ष इस प्रॉजेक्ट को लेकर चर्चा हुई थी। ई साइकिल सर्विस के दूसरे चरण की तैयारी में जुटे अफसरों को औद्योगिक विकास विभाग के इस कदम से झटका लगा है। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास ने अथॉरिटी से साफ कहा है जब तक पहले चरण की कमियों को दूर नहीं किया जाएगा तब तक दूसरे चरण पर विचार नहीं किया जाएगा।
आपको बता दें कि अप्रैल 2023 में नोएडा प्राधिकरण ने शहर में ई-साइकिल की शुरुआत की थी। प्राधिकरण ने 62 स्थानों पर ई-साइकिल के लिए स्टैंड बनाए हैं। चुनी गई एजेंसी ने अप्रैल में 9 लोकेशन से इसकी शुरुआत की। वर्तमान में 31 स्थानों के लक्ष्य के बदले 28 स्थानों से इसका संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक स्थान पर 10-10 ई-साइकिल रखी गई हैं। नोएडा प्राधिकरण ने दूसरे चरण में 31 और जो ई-साइकिल संचालन के लिए स्टैंड बने हैं वहां से इसके संचालन के लिए प्रस्ताव बनाकर औद्योगिक विकास को भेजी है।
बताया जाता है कि इस मसौदे को मानने से फिलहाल औद्योगिक विकास विभाग ने इनकार कर दिया है। नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल के सीनियर मैनेजर एके शर्मा का कहना है ई-साइकिल सेवा को जन उपयोगी बनाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है।
ई-साइकिल का लाभ उठाने के लिए आपको सिक्यॉरिटी मनी के तौर पर 299 रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद 30 मिनट के लिए 15 रुपये भुगतान करना होगा। इससे अधिक समय लगने पर एक रुपये प्रति मिनट का अतिरिक्त चार्ज लगाया जाए। ट्रैफिक जाम में फंसने पर 50 पैसे प्रति मिनट का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। साइकिल सवारों को गाजियाबाद की सीमा में जाने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके लिए अलार्म सिस्टम लगाया गया है।
ई-साइकिल टर्बन मोबिलिटी के सीईओ अनुराज श्रीवास्तव का कहना है 'मासिक पास बनाने के लिए 999 रुपये चार्ज किए जा रहे हैं। मासिक पास लेने वालों को अतिरिक्त समय और जाम आदि की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इसके लिए उन्हें असीमित समय मिलेगा। इससे पैसों की बचत के साथ-साथ अतिरिक्त लाभ भी होगा। साइकिल की बैटरी क्षमता खत्म होने या रास्ते में कोई तकनीकी खराबी आने पर लोगों को ऐप में हेल्प बटन को छूना होगा। एजेंसी की मोबाइल चार्जिंग वैन लोकेशन पर पहुंचेगी। रोजाना 100 से ज्यादा लोग इसके राइड का लाभ उठा रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा राइड ग्रेनो वेस्ट के लिए मिलती है।