
सार Noida News : पूरे देश में गुर्जर समाज की संस्कृति तथा गुर्जर समाज से जुड़ी विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही शिक्षा व सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध आवाज उठाने वाले अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान की कार्यकारिणी के चुनाव की घोषणा कर दी गई है। ग्रेटर नोएडा में स्थित इस संस्थान की चुनाव की इस घोषणा के साथ ही गुर्जर समाज में हलचल तेज हो गई है। गुर्जर समाज के प्रबुद्ध वर्ग का दावा है कि इस चुनाव से गुर्जर समाज की "ठेकेदारी" पर अंकुश लगेगा।
विस्तार Noida News : आपको बता दें कि अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले का एक प्रमुख सामाजिक संगठन है। इस संगठन का मुख्यालय ग्रेटर नोएडा में परी चौक पर स्थित है। ग्रेटर नोएडा में स्थित गुर्जर शोध संस्थान समाज को शिक्षित करने, भारतीय संस्कृति के विकास तथा समाज में फैली कुरीतियों के विरूद्ध समय-समय पर आवाज उठाता रहा है।
गुर्जर शोध संस्थान खास तौर पर लड़कियों की शिक्षा तथा गुर्जर समाज के युवाओं को जागरूक करने के लिए विशेष रूप से कार्य करता है। इन सभी कार्यों के लिए बाकायदा संस्थान से जुड़े समाज के लोगों की एक कार्यकारिणी काम करती है। इस कार्यकारिणी का लम्बे समय से चुनाव लंबित चल रहा था। आरोप लग रहे थे कि कुछ लोगों ने गुर्जर शोध संस्थान पर जबरन कब्जा कर लिया है। कब्जा करने वाले समाज की "ठेकेदारी" लेकर बैठ गए हैं। अब गुर्जर शोध संस्थान की कार्यकारिणी का विधिवत चुनाव कराने की घोषणा कर दी गई है।
ग्रेटर नोएडा में स्थापित अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान की कार्यकारिणी का चुनाव कराने के लिए समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के रूप में स्थापित राजकुमार भाटी को चुनाव अधिकारी बनाया गया है। राजकुमार भाटी के साथ गुर्जर समाज के दो और प्रतिष्ठित नेताओं को सह चुनाव अधिकारी का जिम्मा सौंपा गया है। जिनमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेन्द्र डाढा व प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष भाटी के नाम शामिल हैं।
ऑनलाइन सेक्स वर्धक दवाएं मंगाना पड़ा भारी, ग्रामीण के साथ हो गया ये काम
तीनों चुनाव अधिकारी आपसी सहमति से ग्रेटर नोएडा स्थित गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान की कार्यकारिणी के चुनाव विधिवत ढंग से सम्पन्न कराएंगे। चुनाव अधिकारियों की घोषणा होते ही संस्थान के चुनावों को लेकर गुर्जर समाज में हलचल तेज हो गई है। गुर्जर समाज का एक बहुत बड़ा तबका खासतौर से प्रबुद्ध वर्ग यह मानता है कि कुछ लोगों ने गुर्जर शोध संस्थान को अपनी राजनीति चमकाने, समाज की "ठेकेदारी" लेने तथा समाज के नाम पर अपनी स्वार्थसिद्धि का साधन बनाने का प्रयास किया है। चुनाव की घोषणा होते ही गुर्जर समाज के प्रबुद्ध वर्ग में प्रसन्नता व्याप्त हो गई है। समाज के नागरिकों का मत है कि चुनाव होने से शेध संस्थान का पूरा भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा स्थित अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान की नई कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। चुनाव अधिकारी राजकुमार भाटी ने चेतना मंच को बताया कि संस्थान के ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय में हुई साधारण सभा में संस्थान से जुड़े 274 सदस्यों की सूची का सार्वजनिक प्रकाशन कर दिया गया है। 30 सितंबर 2023 (कल) शनिवार तक सूची के संबंध में आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
ग्रेटर नोएडा स्थित अखिल भारतीय गुर्जर संस्कृति शोध संस्थान के चुनाव अधिकारी राजकुमार भाटी ने बताया कि संस्थान के कार्यकारिणी पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कड़ी में 4 अक्टूबर 2023 को नामांकन पत्र दाखिल किये जाएंगे। 5 अक्टूबर 2023 को नामांकन पत्रों की जांच और वापसी होगी। अगर आवश्यक हुआ तो 6 अक्टूबर 2023 को मतदान होगा और दोपहर 2.00 बजे के बाद परिणाम घोषित कर दिये जाएंगे।
इस बीच संस्थान से जुडे अधिकतर सामाजिक कार्यकर्ताओं गुर्जर समाज में सक्रिय राजनेताओं, गुर्जर समाज से जुड़े हुए पत्रकारों व प्रशासनिक अफसरों तक ने अपनी-अपनी लॉबिंग शुरू कर दी है। गुर्जर समाज के एक वर्ग का यह भी कहना है कि समाज की संस्था में मतदान की नौबत नहीं आनी चाहिए।
मतदान की नौबत आने से नुकसान होता है, पार्टीबाजी शुरू हो जाती है, अनेक गुट बन जाते हैं, इस कारण समाज का बड़ा वर्ग इस पक्ष में है कि पूरी कार्यकारिणी सर्वसम्मति से तय कर दी जाए। उनका यह भी कहना है कि वास्तव में समाज को समर्पित कार्यकर्ताओं को ही कार्यकारिणी में पदाधिकारी व सदस्य नामित किया जाना चाहिए।