Noida News : लोकतंत्र के पर्व में भी मतदान में फिसड्डी रहे नोएडावासी!
भारत
चेतना मंच
12 Feb 2022 06:03 PM
नोएडा (Noida )। उत्तर प्रदेश (Up) का शो विंडो कहे जाने वाला नोएडा बेशक पढ़े-लिखे तथा बुद्धिजीवियों का गढ़ कहा जाता हो लेकिन अपना संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करने में यहां के लोग ग्रामीण अंचलों से भी काफी फिसड्डी रहे। यह बात नोएडा विधानसभा चुनाव के दिन हुआ कम मतदान स्वयं बया कर रहा है।
बता दें कि वर्ष-2017 के मुकाबले जहां नोएडा (Noida) में मतदाताओं की संख्या में करीब पौने दो लाख की वृद्धि हुई तथा चुनाव आयोग ने मतदान का समय भी एक घंटा बढ़ाकर शाम 6 बजे कर दिया। फिर भी मतदाताओं का बूथों पर कम पहुंचना काफी गंभीर है। मतदान को लेकर विभिन्न संगठनों तथा सरकारी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी यहां के आंकड़ों में कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा।
10 फरवरी को नोएडा के 755 पोलिंग स्टेशनों में मात्र 50.1 फीसदी ही वोट पड़ पाये। जबकि इस बार मतदाताओं की कुल संख्या 713696 थी। इसमें 404157 पुरूष, 309530 महिला, 9 ट्रांसजेंडर हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मतदान की कम संख्या की वजह जागरूकता का अभाव न मान कर अपने अधिकारों के प्रति लापरवाही अधिक मान रहे हैं। यही कारण है कि तकरीबन आधे मतदाता घर ही बैठे रहे तथा लोकतंत्र के इस पावन पर्व पर अपने मूल अधिकारों को भी ठेंगा दिखाते रहे।
बता दें कि 58 विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान में साहिबाबाद के बाद नोएडा में सर्वाधिक कम मतदान हुआ। जबकि पश्चिमी उप्र तथा गौतमबुद्धनगर के दादरी व जेवर में नोएडा से बेहतर मतदान का प्रतिशत रहा। वर्ष-2017 में मतदान का समय भी एक घंटा कम रहा तथा मतदाताओं की संख्या 2022 के मुकाबले पौने दो लाख कम थी फिर भी तकरीबन यही मतदान का आंकड़ा रहा।