
Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर से एक बड़ी खबर आ रही है। खबर यह है कि 304 करोड़ रूपये खर्च करके बनाई जा रही नोएडा प्राधिकरण के नए कार्यालय की इमारत के निर्माण में बड़ी लापरवाही बरती गई है। अब नोएडा प्राधिकरण के CEO डा. लोकेश एम ने निर्माणाधीन कार्यालय की बिल्डिंग के हर कोने की जांच कराने का फैसला किया है। इस इमारत की क्वालिटी की जांच देश के प्रसिद्ध विशेषज्ञ करेंगे।
आपको बता दें कि नोएडा शहर के सेक्टर-96 में नोएडा प्राधिकरण के नए दफ्तर का निर्माण हो रहा है। नोएडा प्राधिकरण का पुराना वर्तमान दफ्तर सेक्टर-6 में है। वर्ष-2017 में नए दफ्तर की आवश्यकता महसूस की गई। उसी आवश्यकता के आधार पर नोएडा के सेक्टर-96 में बहुमंजिला इमारत के रूप में प्राधिकरण का नया दफ्तर बनाने का फैसला लिया गया। वर्ष 2017 में ही प्राधिकरण का नया कार्यालय बनाने के लिए 303.92 करोड़ रूपए का टेंडर कर दिया गया। टेंडर में शर्त लगाई गई कि वर्ष-2019 तक नए कार्यालय की बिल्डिंग को पूरी तरह तैयार कर लेना है। 6 वर्षों से इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। अब तक केवल 62 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हुआ है। अब तक बनी बिल्डिंग की क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन CEO रितु माहेश्वरी के तबादले के बाद नोएडा प्राधिकरण के CEO बने डा. लोकेश कुमार एम ने प्राधिकरण के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया तो बिल्डिंग की क्वालिटी को लेकर आशंका जताई। इसी आशंका के आधार पर निर्माणाधीन बिल्डिंग का सर्वे दिल्ली आईआईटी द्वारा कराने का फैसला किया गया। आईआईटी की टीम ने बिल्डिंग का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट नोएडा प्राधिकरण को सौंप दी है। रिपोर्ट में निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इस बिल्डिंग का स्ट्रक्चर बेहद घटिया क्वालिटी का बनाया गया है। इस रिपोर्ट में 12 स्थानों को चिन्हित किया गया है। सभी चिन्हित स्थानों के नमूने फेल साबित हुए हैं। कुल मिलाकर रिपोर्ट में इस बिल्डिंग की क्वालिटी को बेहद घटिया स्तर का बताया गया है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डा. लोकेश कुमार एम ने चेतना मंच को बताया कि दिल्ली आईआईटी की टीम की रिपोर्ट के बाद नोएडा प्राधिकरण के नए भवन की निर्माणाधीन इमारत की व्यापक जांच कराने का फैसला किया गया है। यह जांच निर्माण कार्यों को परखने वाले खास विशेषज्ञों से कराई जाएगी। CEO ने बताया कि जल्द ही पूरी जांच कराकर इस ईमारत के भविष्य के विषय में फैसला किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ... डॉ. लोकेश कुमार एम ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है कि देश के प्रमुख विकास प्राधिकरणों में गिने जाने वाले नोएडा प्राधिकरण ने अपने कार्यालय के लिए बन रही ईमारत की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा है। उन्होंने बताया कि ईमारत की गुणवत्ता के लिए जो भी आवश्यक होगा वह सभी कदम उठाए जाएंगे।
आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण के नए दफ्तर की बिल्डिंग नोएडा शहर के सेक्टर-96 में 24 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर बन रही है। इसके निर्माण पर 304 करोड़ रूपए (303.92 करोड़) रूपए खर्च हो रहे हैं। यह बिल्डिंग अत्याधुनिक डिजाइन वाली मल्टी स्टोरी बिल्डिंग है। बिल्डिंग बनने के बाद इसका कवर्ड एरिया 14 हजार 840 वर्ग मीटर हो जाएगा। इस बिल्डिंग के एक टॉवर को बेचकर नोएडा प्राधिकरण मोटा मुनाफा भी कमाएगा।