
Noida News (चेतना मंच)। अब अपराध करके अपराधी शहर से बाहर नहीं निकल सकेगा। हजारों की भीड़ में से सडक़ों पर लगे फेस डिटेक्टर कैमरे उसको पहचान कर उसकी फोटो कमांड सेंटर भेज देंगे। उसी स्थान पर पुलिस उन्हें शिकंजे में ले लेगी। जी हां, नोएडा प्राधिकरण अब शहर के विभिन्न चौराहों व मुख्य मार्गों के अलावा व्यस्तम मार्केट, स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थलों पर अत्याधुनिक कैमरे लगाने जा रहा है। इन कैमरों को सेक्टर-94 स्थित कमांड कंट्रोल सेंटर में स्थापित इंटीग्रेटिड कमांड कंट्रोल सेंटर से जोड़ दिया जाएगा।
ये मामूली कैमरे नहीं बल्कि फेस डिडेक्शन और एएनपीआर टाइप के होंगे। जिनका काम इन स्थानों की 24 घंटे सर्विलांस करना है। योजना पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
सेफ सिटी योजना के तहत शहर में करीब 500 स्थानों पर जनवरी -फरवरी 2024 से कैमरे लगने शुरू हो जाएंगे। इन जगह 1500 से 2000 कैमरे लगाए जाएंगे। ये फेस डिटेक्शन कैमरे होंगे, जिनमें वारदात करने वाले बदमाशों के चेहरे स्पष्ट कैद हो जाएंगे। इसको लेकर नोएडा प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है। कैमरे लगवाने के लिए कंपनी का चयन करने को नोएडा प्राधिकरण ने आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) तैयार कर ली है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसी सप्माह आरएफपी जारी की जाएगी। जनवरी में कंपनी का चयन हो जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि कंसल्टेंट ने सर्वे कर रिपोर्ट दे दी है। ये कैमरे सर्विलांस के तौर पर काम करेंगे।
सेफ सिटी प्रॉजेक्ट के तहत शहर में फेस रिकॉग्निशन कैमरे लगवाने के लिए कंपनी का चयन करने को नोएडा अथॉरिटी ने आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) तैयार कर लिया है। दिसंबर के अंत तक नोएडा प्राधिकरण आरएफपी वेबसाइट पर जारी कर देगा। जनवरी 2024 में इसके लिए कंपनी के चयन का काम पूरा हो जाएगा। कैमरों को लेकर कंसल्टेंट एजेंसी ने सर्वे करके अपनी रिपोर्ट दे दी है। शहर में लगने वाले ये कैमरे सर्विलांस के तौर पर काम करेंगे। इन कैमरों के लिए सेक्टर 94 में एक कमांड कंट्रोल सेंटर बनेगा। यहां पहले से ही इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बना हुआ है।
योजना पूरी होने के बाद दोनों कमांड कंट्रोल सेंटर एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। अथॉरिटी के अफसरों ने बताया कि जिस जगह कैमरे लगेंगे उनको चिह्नित करने का काम पूरा हो गया है। शहर के सभी स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, धार्मिक स्थान, मेट्रो स्टेशन, भीड़-भाड़ वाले स्थान आदि इस सूची में शामिल हैं। सेफ सिटी के तहत शहर में सर्विलांस, पीटीजेड, एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के लिए पूरा सर्वर नए तरीके से तैयार किया जाएगा। काम शुरू होने पर सभी जगह कैमरे लगने में सात-आठ महीने का समय लगेगा।