
Noida News : सबको पता है कि किसानों के लिए जमीन उनकी मां के बराबर होती है। अपनी जमीन के साथ किसान उतना ही प्यार करते हैं जितना कोई इंसान अपने जन्म देने वाली मां से करता है। बात जब देश के विकास की आती है तो किसान अपनी जमीन भी सरकार को दे देते हैं। ऐसा ही किया है नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों ने। आज जो बड़े बड़े शहर नजर आ रहे हैं वें सब किसानों की जमीन पर ही बसे हैं।
शहर के विकास में किसानों के योगदान को ध्यान में रखते हुए यमुना विकास प्राधिकरण ने एक नई पहल की है। ग्रेटर नोएडा के आसपास बस रहे नए शहर यमुना सिटी व जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों को उनकी जमीन को मुआवजा उनके गांव में जाकर बांटा जा रहा है। यह व्यवस्था यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ डा. अरुणवीर सिंह के निर्देश पर शुरू की गई है। इसी योजना के तहत बुधवार को यमुना क्षेत्र के गांव में जाकर प्राधिकरण के अधिकारियों ने 1 करोड़ 60 लाख रुपये का मुआवजा बांटा है।
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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने चेतना मंच को बताया कि अदालत के आदेशों के तहत किसानों को अतिरिक्त मुआवजा का भुगतान किया जा रहा है। क्षेत्र के विकास में किसानों के योगदान को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण किसानों के मुआवजे का पैसा उनके गांव में ही जाकर सीधे किसानों को सौंप रहा है।
इसी कड़ी में बुधवार को रुस्तमपुर गांव में 15 किसानों को मुआवजे के चेक बांटे गए। ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 15 किसानों के कागजात कम्पलीट थे। उन्हें एक करोड़ 59 लाख 44 हजार 663 रुपये अतिरिक्त मुआवजे के चेक सौंपे गए।
मुआवजा बांटने के दौरान ओएसडी शैलेंद्र सिंह के साथ ही तहसीलदार अजय कुमार शर्मा तथा यमुना विकास प्राधिरण के भूलेख व परियोजना विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने गांव वालों से अपील की है कि जिन किसानों ने अभी तक भी अपनी जमीन के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं वे सब अपने कागजात प्राधिकरण कर्मियों को सौंप देंं जिससे उनका अतिरिक्त मुआवजा भी उन्ळें सौंपा जा सके। Noida News