Noida News : फार्महाउस मालिकों को मिली 20 दिनों की मोहलत
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 08:48 PM
Noida : नोएडा । नोएडा प्राधिकरण के चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान से फार्महाउस मालिकों को 20 दिनों की मोहलत मिल गई है। 10 दिनों में प्राधिकरण को जवाब दाखिल करने को कहा गया है। इसके 10 दिन बाद याचीगण अपना प्रत्युत्तर दाखिल करेंगे। इस बीच प्राधिकरण फार्म हाउस पर तोडफ़ोड़ की कार्यवाही नहीं करगा।
फार्म हाउस मालिकों ने एक एसोसिएशन के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन लोगों ने हाईकोर्ट को बताया कि उनके फार्म हाउस लंबे अरसे से यमुना खादर क्षेत्र में बने हुए हैं। इनमें कोई भी अनाधिकृत निर्माण नहीं किया गया है। नोएडा अथॉरिटी की ओर से करीब एक सप्ताह पहले एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। जिसमें फार्म हाउसों को अवैध करार देते हुए ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई है। प्राधिकरण ने पूरे इलाके में ध्वस्तीकरण अभियान छेड़ रखा है। फार्म हाउस मालिकों ने अदालत को बताया कि यह हमारे संपत्ति के अधिकार का हनन करता है। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। प्राधिकरण के डिमोलिशन आर्डर को रद्द किया जाए।
दूसरी ओर नोएडा अथॉरिटी और राज्य सरकार के वकील न्यायालय के सामने हाजिर हुए। प्राधिकरण के वकील ने याचीगणों के तर्कों पर जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से वक्त की मांग की। इस पर अदालत ने अथॉरिटी को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का वक्त दिया है। इस जवाब पर प्रत्यत्तर दाखिल करने के लिए याचिकाकर्ताओं को भी 10 दिन दिए गए हैं। अदालत ने 20 दिन बाद मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया है। प्राधिकरण को आदेश दिया गया है कि इस दौरान फार्म हाउसों पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं की जाएगी। कुल मिलाकर फार्म हाउस मालिकों को फिलहाल 20 दिन की मोहलत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दे दी है।
अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बाकी फार्म हाउस मालिकों को याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दे दी है। दरअसल, अथॉरिटी की ओर से सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। जिसके आधार पर सभी फार्म हाउसों को अवैध घोषित कर दिया गया है। लिहाजा, उसी नोटिस के आधार पर बाकी फार्म हाउस मालिक भी इस मुकदमे में शामिल हो सकते हैं। अदालत ने कहा है कि इस प्रकरण की सुनवाई में ही बाकी लोग शामिल हो जाएं। बाद में अलग से किसी की याचिका नहीं सुनी जाएगी। मतलब यह है कि इस मामले में जो फैसला आएगा, वह बाकी फार्म हाउसों पर भी लागू माना जाएगा।