फेलिक्स के डाक्टरों ने बिना सर्जरी के दिल का छेद किया बंद
Noida News
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 10:48 AM
नोएडा (चेतना मंच)। फेलिक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिना ओपन हार्ट सर्जरी के एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (एएसडी) का इलाज करने में अस्पताल के डाक्टरों ने सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि से आने वाले समय में हृदय रोग से पीडि़त लोगों के उपचार में काफी मदद मिल पाएगी।
फेलिक्स हॉस्पिटल के कर्डियोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धार्थ सम्राट ने बताया कि हरियाणा के 23 वर्षीय युवक सचिन यादव को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के साथ फेलिक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस फूलने की समस्या बनी हुई थी। जांच में पता चला कि मरीज को 10 मिमी का एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (एएसडी) था। जो एक जन्मजात हृदय की स्थिति है। जिसमें एट्रियल सेप्टम में छेद होता है। एएसडी के आकार और रोगी के लक्षणों को देखते हुए, ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता के बिना छेद को बंद करने के लिए न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया का उपयोग करके मरीज का इलाज करने का निर्णय लिया गया।
एट्रियल सेप्टल ऑक्लुडर की विधि को चुना गया
इसके लिए एट्रियल सेप्टल ऑक्लुडर की विधि को चुना गया। जिसमें एक पतली लंबी तार का उपयोग किया गया। तार के माध्यम से ऑक्लुडर डिवाइस को सावधानीपूर्वक एएसडी के ऊपर स्थापित किया गया और छेद को प्रभावी ढंग से बंद किया गया। इस प्रक्रिया में 30 मिनट का समय लगा। एएसडी दीवार में एक जन्मजात हृदय दोष है जो हृदय के दो ऊपरी कक्षों (एट्रियल सेप्टम) को अलग करता है।
अस्पताल में कई प्रकार की हृदय संबंधी सेवाएं मौजूद
उन्होंने बताया कि अस्पताल एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर इम्प्लांटेशन सहित कई प्रकार की हृदय संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। विशेष रूप से अस्पताल जन्मजात और हृदय रोगों के लिए न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया की सुविधाएं प्रदान करता है।
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