
Noida News (चेतना मंच)। बगैर मान्यता के अवैध रूप से चल रहा है ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों का जस्ट डॉयल पर प्रचार करने के आरोप में जस्ट डॉयल के प्रबंधक एवं कर्मचारियों के खिलाफ थाना फेस वन में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पीड़ित का आरोप है कि जस्ट डॉयल कंपनी के प्रचार से मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा के बीटा प्रथम में लखविंदर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के प्रोपराइटर लखविंदर सिंह ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनका स्कूल उप आयुक्त परिवहन कार्यालय मेरठ परिक्षेत्र द्वारा मान्यता प्राप्त है। शहर में करीब 10 अन्य ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के पास ही मान्यता है, जबकि बड़ी संख्या में फर्जी तरीके से ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल को संचालित किया जा रहा है। जस्ट डॉयल कंपनी गूगल के माध्यम से अवैध स्कूलों का विज्ञापन करा रही है।
इन अवैध स्कूलों के पास मान्यता व अन्य मानक पूरे नहीं है जिस कारण जनपद में सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। भोले-भाले लोग जस्ट डॉयल पर अवैध ड्राइविंग स्कूलों के विज्ञापन को देखकर इनके झांसे में आ जाते हैं और उन्हें अप्रशिक्षित चालकों द्वारा वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है। गैर मान्यता प्राप्त यह स्कूल लोगों से फीस के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं और दलालों के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का ठेका ले रहे हैं जिस कारण मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि गत 29 जून 2022 को उन्होंने जस्ट डॉयल कंपनी को कानूनी नोटिस भिजवाया था और मांग की थी कि वह अवैध रूप से चल रहे ड्राइविंग स्कूलों के विज्ञापन रोक दें। इसके बावजूद कंपनी द्वारा कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। उन्होंने बताया कि 11 नवंबर 2022 को वह सभी मान्यता प्राप्त स्कूल के संचालकों के साथ मिलकर सेक्टर 16 स्थित जस्ट डॉयल कंपनी के प्रोपराइटर से मिले। इस दौरान कंपनी के प्रोपराइटर ने धमकी दी कि उनकी वेबसाइट पर विज्ञापन बंद नहीं किए जाएंगे। थाना प्रभारी ध्रुव भूषण दुबे ने बताया कि यह मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। Noida News