
Noida News : नोएडा समेत पूरे NCR में वायु प्रदूषण का कहर जारी है। हवा की गुणवत्ता का सूचांक यानि AQI 500 के खतरनाक स्तर को पार कर चुका है। ऐसे में नोएडवासियों को राहत देने का प्रयास करते हुए नोएडा की फायर बिग्रेड को सड़कों पर उतारा गया है। फायर बिग्रेड की एक दर्जन गाडिय़ां सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव करने में लगाई गई हैं।
नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर नोएडा के फायर बिग्रेड दस्ते को सड़कों पर तैनात किया गया। सोमवार को नोएडा के फायर बिग्रेड दस्ते ने शहर के धूल उड़ाने वाले 50 स्थानों को चिन्हित करके उन स्थानों पर पानी का छिड़काव किया। इस काम में फायर बिग्रेड की एक दर्जन यूनिट लगाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि जल छिड़काव का सकारात्मक असर हुआ तो मंगलवार को छिड़काव के लिए फायर बिग्रेड की अधिक गाडिय़ां लगाई जाएंगी।
वायु प्रदूषण से बचाव के लिए किए जा रहे जल छिड़काव को ऊंट के मुंह में जीरा करार दिया जा रहा है। वायु प्रदूषण के कारकों की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वायु प्रदूषण की जो स्थिति है उसमें जल छिड़काव का तुरंत कोई फायदा होने वाला नहीं है। यह काम तो जनता को बहलाने तथा यह दिखाने का प्रयास है कि शासन प्रशासन के स्तर पर जनता को धुएं के जहर से बचाने का प्रयास हो रहा है। यह प्रयास ठीक उसी प्रकार का है जैसे ऊंट जैसे किसी जानवर का पेट भरने का दिखावा करने के लिए उसके मुंह में जीरा जैसा छोटा सा भोजन डाला जाए। पर्यावरण विशेषज्ञों का साफ मत है कि NCR के शहरों नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली व गाजियाबाद में प्रदूषण बढऩे का सबसे बड़ा कारण हरियाणा व पंजाब के खेतों में जलाई जा रही पराली का धुआं है।
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