
Noida News : दिल्ली एनसीआर में ठंड के साथ साथ वायु प्रदूषण भी बढ़ने लगता लगता है। ऐसे में दिवाली पर पटाखों और आतिशबाजी के बाद राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर में वायु प्रदूषण लेवल भी बढ़ जाता है। इसे लेकर दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए एनसीआर से जुड़े शहरों में भी पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की है। उन्होंने कहा कि राजधानी में प्रदूषण के स्तर को तब तक कम नहीं किया जा सकता, जब तक उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में प्रदूषण के स्रोत बंद न हो।
दिल्ली सरकार के पर्यावरण और वन मंत्री गोपाल राय ने कहा इस वर्ष दशहरा व पिछले साल की तुलना में बहुत कम पटाखे जलाए गए हैं, जो दिल्ली पर्यावरण के लिए बेहतर है। गोपाल राय ने कहा कि पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में केवल 31 प्रतिशत प्रदूषण राष्ट्रीय राजधानी के स्रोतों से होता है, बाकी 69 प्रतिशत प्रदूषण एनसीआर से आता है। इस पर चिंता जाहिर करते हुए गोपाल राय ने केंद्र सरकार से मांग की है कि राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारकों के निपटारे को लेकर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाई जाए।
गोपाल राय ने कहा कि हम हर स्थिति का विश्लेषण कर रहे है इससे पता चलता है कि दिल्ली में पीएम 10 का प्रदूषण कम हो रहा है। इसे रोकने के लिए पूरी दिल्ली में धूल विरोधी अभियान चलाया गया है, जिसके लिए सभी क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। ताकि धूल कण को रोका जा सके। उनहोंने कहा कि 26 अक्टूबर से ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ जन जागरूकता अभियान भी शुरू किया जा रहा है।
आपको बता दे कि बढ़ती ठंड के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती चली जाती है। आज लाल किले के आस पास प्रदूषण स्तर बहुत ज्यादा देखा गया। प्रदूषण के कारण सुबह 06 से 07 बजे के बाद सैर करना बेहद मुश्किल हो जाता है। आज सुबह दिल्ली में AQI 190 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। जबकि सोमवार को यह 306 तक पहुंच गया था, जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं नोएडा में आज AQI 218 था जो खराब श्रेणी में आता है।