
Noida News : नोएडा शहर की सबसे बड़ी संस्था फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) का विवाद लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करके फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ने फोनरवा के दूसरे गुट के आरोपों को झूठा बता दिया है। नोएडा शहरा में फोनरवा का यह विवाद शहर के प्रत्येक सेक्टर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नोएडा के सेक्टर-52 में स्थित फोनरवा के दफ्तर में बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस हुई। प्रेस कांफ्रेंस में फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि संगठन का चुनाव जीतने के लिए राजीव गर्ग झूठ बोल रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में जारी किए गए प्रेस नोट में लिखा गया है कि राजीव गर्ग द्वारा वर्तमान कार्यकारिणी पर लगाए गए सभी आरोप असत्य और निराधार हैं। सभी निर्णय संवैधानिक और नियमों के आधार पर लिए गए हैं। राजीव गर्ग स्वयं ही फोनरवा की वर्तमान कार्यकारिणी कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष है। वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा लिए गए सभी निर्णयों पर उनकी सहमति रही है।
प्रेस वार्ता में फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि राजीव गर्ग द्वारा तीन महीने के लिए फोनरवा का कार्यकाल बढ़ाने का का आरोप हास्यास्पद हैं। उनके द्वारा चुनाव को स्थगित करवाने के निर्णय से फोनरवा के सभी सदस्य निराश हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गर्ग अपनी हार को देखते हुए वर्तमान कार्यकारिणी पर अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। उनके पैनल के कई उम्मीदवार कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारी उनके पैनल के उम्मीदवार हैं। उनके द्वारा राजनीति करके अधिकारियों पर अनावश्यक रूप से दबाव डाला जा रहा है।
प्रेस वार्ता में फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने कहा की कार्यकारिणी का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय नियमों के आधार पर लिया गया था। हमारे द्वारा डिप्टी रजिस्ट्रार के सभी पत्रों का जवाब समय पर दिया गया है। राजीव गर्ग पैनल द्वारा सिर्फ आरोप लगाए जा रहे हैं अगर उनके आरोपों के कोई प्रमाण है तो डिप्टी रजिस्ट्रार को जवाब दें। उन्होंने कहा जहां तक फाउंडर सदस्यों का प्रशन है हमने उनके साथ समझौता किया है और उनको सदस्यता देने के लिए वचनबद्ध है। इसके लिए हमने सभी आवश्यक दस्तावेज़ डिप्टी रजिस्ट्रार को भेज दिए हैं। हमें उम्मीद है जल्दी ही डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा इस पर कार्रवाई की जाएगी।
श्री जैन ने कहा कि बहुत अच्छे अनुभव और वरिष्ठ सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों को ध्यान में रखते हुए, जिन्होंने पिछला फोनरवा का चुनाव बहुत निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराया था जिसके लिए सभी सदस्यों द्वारा इनको पुरुस्कृत भी किया गया था।
इसी आधार पर कार्यकारिणी समिति तथा आम सभा द्वारा इन चुनाव अधिकारियों का चयन किया गया था। इन चुनाव अधिकारियों पर लगाए गए आरोप बहुत ही शर्मनाक हैं। चुनाव अधिकारियों पर लगाए गए सभी आरोपों की हम आलोचना करते हैं। फोनरवा के सभी सदस्य इस बात से सहमत हैं कि इन चुनाव अधिकारियों का सम्मान किया जाए और फोनरवा कार्यकारणी का चुनाव भी इनके द्वारा ही कराया जाए।