जिला अस्पताल की पूर्व सीएमएस ने किया 14.60 करोड़ का घोटाला, कहा- नियम के तहत हुआ टेंडर
Noida News
भारत
चेतना मंच
22 Jul 2025 06:15 PM
Noida News : नोएडा में बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। इस घोटाले का आरोप जिला अस्पताल की पूर्व अधिकारी पर लगा है। नोएडा सेक्टर 39 जिला अस्पताल की सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. रेनू अग्रवाल पर 14 करोड़ 60 लाख रुपये के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। दिल्ली चांदनी चौक जनपद भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
फर्जी फर्म के जरिए अस्पताल से जुड़े तमाम टेंडर आवंटित कर दिए
मॉडल टाउन मंडल उपाध्यक्ष शिव चरण ने सीएम योगी को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि डॉ. रेनू अग्रवाल ने सीएमएस के पद पर रहते हुए एक फर्जी फर्म के जरिए अस्पताल से जुड़े तमाम टेंडर उसे ही आवंटित कर दिए। जिसमें उस फर्म को काम करने के लिए 14 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी। साथ ही अन्य कई फर्मों द्वारा भेजे गए वैध आवेदन पत्रों को खारिज कर दिया गया था। इस पूरे मामले में करोड़ों रुपये फजीर्वाड़ा किया गया है। मंडल उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि डॉ. रेनू अग्रवाल ने सीएमएस पद पर रहते हुए अस्पताल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच करा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत सुनी जाएगी या ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा
यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह स्वास्थ्य विभाग पर गहरा सवाल खड़ा होगा। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है और शिकायत से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। हालांकि अभी इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। ऐसे में अब देखना होगा कि भाजपा राज में भाजपा के पदाधिकारी की बात सुनी जाएगी या शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। वहीं डॉ रेनू अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में एक फर्म को 14.60 करोड़ के टेण्डर देने की शिकायत की खबर का मैं खण्डन करती हूं। समस्त निविदायें जेम पार्टल के माध्यम से की गई है। समस्त निविदाओं में पूर्ण नियमों का पालन करते हुई संपादित कराई गई हैं।
सभी निविदायें शासनादेशों के अनुपालन में हुई
प्रतिभाग करने वाली फर्मों द्वारा जेम पोर्टल पर जब अपने पेपर लोड किये जाते हैं, तो जेम पोर्टल द्वारा स्वत: ही पेपरों को सत्यापित कर स्वीकार किया जाता है। सभी निविदायें शासनादेशों के अनुपालन में हुई हैं। जनरेटर, लिफ्ट आदि की जो निविदायें की गयी हैं। वह ओईएम अधिकृत फर्मों को ही जनहित में दी गयी हैं। शिकायतकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को जो शिकायत संबोधित की गयी है, उसमें न ही कोई तिथि अंकित की गयी है। जिला संयुक्त चिकित्सालय, गौतमबुद्धनगर एवं समस्त चिकित्सक, जनपदवासियों की सेवा के लिये सदैव तत्पर है। गलत खबरों के प्रकाशित करने से चिकित्सकों के मनोबल पर दुष्प्रभाव पड़ता है।