
Noida News : अरब देशों में नौकरी करने के लिए अपने अपने घर से बाहर निकले सैकड़ों बेरोजगार लोगों के सपने उस समय चकनाचूर हो गए जब नोएडा पहुंचने पर इन लोगों को अरब देशों में भेजने वाली कंपनी के आफिस पर ताला लटका मिला। मंगलवार को करीब 200 लोग नोएडा के सेक्टर 2 में पहुंचे थे। इन सभी को इराक और अजरबैजान में नौकरी के लिए भेजने का दावा किया गया था। प्रत्येक व्यक्ति से पासपोर्ट और वीजा के नाम पर पचास से 80 हजार रुपये वसूले गए थे।
आपकेा बता दें कि अरब देशों में नौकरी दिलवाने के लिए नोएडा के सेक्टर 2 में एक कंपनी का आफिस खुला था। कंपनी ने बाकायदा विज्ञापन देकर बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के बेरोजगार लोगों से विदेश में नौकरी दिलाने के लिए संपर्क किया। करीब दो सौ लोगों ने विदेश में नौकरी के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद प्रत्येक व्यक्ति से वीजा, पासपोर्ट और अन्य प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर 50 से 80 हजार रुपये वसूले गए और विदेश भेजने के लिए मंगलवार को नोएडा बुलाया गया। जब बेरोजगार युवक नोएडा पहुंचे तो कंपनी बंद कर आरोपी फरार हो गए। कोतवाली फेज-1 पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर के रहने वाले पवन, वाराणसी निवासी रोहित कुमार आदि ने पुलिस से शिकायत की है कि कुछ दिन पहले उन लोगों ने सोशल मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन देखा था। इसमें कम पैसे में इराक, अजरबैजान, ओमान समेत अन्य देशों में नौकरी लगवाने की बात कही गई थी। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर जब पवन और उसके साथियों ने संपर्क किया तो अरुण कुमार नामक शख्स से बात हुई। उसने अपनी कंपनी का दफ्तर नोएडा के सेक्टर-2 में बताया। आरोपी ने यह भी बताया कि वीजा और टिकट समेत सभी दस्तावेज उसकी तरफ से बनवाए जाएंगे। झांसे में आने के बाद वीजा और टिकट के लिए 50 से 80 हजार रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बेरोजगार युवकों के पास पासपोर्ट, वीजा व्हाट्सएप किया।
जालसाज ने सात नवंबर को सेक्टर-2 स्थित ऑफिस बुलाया और यहां से टिकट, वीजा देकर विदेश भेजने का झांसा दिया। जब 30 से अधिक युवक मंगलवार को नोएडा के सेक्टर-2 स्थित दफ्तर पहुंचे तब यहां ताला बंद था। आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद पीड़ित कोतवाली फेज-1 पहुंचे और शिकायत की। इस मामले को लेकर नोएडा पुलिस का कहना है कि पीड़ितों द्वारा अपने पासपोर्ट बिहार के पटना में दिए गए थे। वहीं पर उनका साक्षात्कार भी हुआ था। इस मामले में डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। अगर नोएडा में घटनास्थल पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।