
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 13 फरवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “डेढ़ दशक में होगी दो गुना आबादी, बढ़ाने होंगे संसाधन, मास्टर प्लान में 1650 टीडीपी कचरा निस्तारण व 364 एमएलडी पानी के लिए बन रही है कार्ययोजना” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि तेजी से बढ़ रही ग्रेटर नोएडा की आबादी डेढ़ दशक में चार गुना तक होने की उम्मीद है। मास्टर प्लान-2041 लागू करने के साथ ही ग्रेनो औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अब वर्ष 2041 तक की आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधनों को तैयार करने में जुट गया है। पेयजल, बिजली, सड़क और सीवेज के साथ ही अस्पताल, स्कूल सहित अन्य सुविधाओं के लिए फेज-1 और फेज-2 में जमीनों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है। मूलभूत जरूरतों से जुड़े ज्यादा संसाधनों को चार से पांच गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। ग्रेनो की आबादी वर्तमान में 20 लाख के आसपास आंकी जा रही है। प्राधिकरण के मास्टर प्लान के अनुसार वर्ष 2026 में यहां की आबादी 25 लाख, वर्ष 2036 में 35 लाख और वर्ष 2041 में 40 लाख पहुंच जाएगी। ऐसे में प्राधिकरण अब पूरी तरह से खुद को वर्ष 2041 की आबादी के लिए तैयार करने में जुट गया है। कारण, नोएडा एयरपोर्ट का व्यावसायिक संचालन अप्रैल 2025 से शुरू होने की उम्मीद है। वर्तमान में यमुना सिटी में बसावट नहीं होने से इसका सबसे ज्यादा लाभ ग्रेनो को मिलने की उम्मीद है। इस अवसर का लाभ उठाने के लिएग्रेनो प्राधिकरण अपने संसाधनों को अपग्रेड करने के साथ ही ज्यादा आबादी के लिए तैयार कर रहा है। ग्रेनो के मास्टर प्लान 2021 में सड़कों के किनारे सभी आवासीय सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं।
मौजूदा भूमि उपयोग में विकसित आवासीय क्षेत्र 4665.57 हेक्टेयर है, जबकि मास्टर प्लान 2021 ग्रेनो में प्रस्तावित 4992.3 हेक्टेयर है। माना जा रहा है कि नोएडा और दिल्ली सहित कई पड़ोसी शहरों की अपेक्षा ग्रेनो में जमीन की कीमतें कम हैं। आवासीय भूमि की बाजार में सबसे अधिक मांग है और इसे मास्टर प्लान 2041 में आबादी के विस्तार के लिए विकसित भी किया गया है।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “मेजर नितिन रावत को मिला सेना पदक” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो के सेक्टर पी-4 की एचएससीसी सोसाइटी निवासी मेजर नितिन रावत को सेना पदक (वीरता) से नवाजा गया है। राची (झारखंड) में बुधवार को आयोजित पूर्वी कमान अलंकरण समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष गंगवार मौजूद रहे।
पिता केपीएस रावत ने बताया कि 19 जुलाई 2023 को तड़के 3:30 बजे सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना के कई टेंट में आग लग गई थी। उस दिन मेजर नितिन रावत सियाचिन बेस कैंप में हेलिकॉप्टर पायलट के तौर पर तैनात थे। उनको घटना वाली पोस्ट पर भेजा गया। उन्होंने 17000 फीट ऊंचाई पर फंसे 5 घायल जवानों को निकाला और हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया। उनकी इस वीरता के लिए उन्हें सेना पदक दिया गया है। पुरस्कारों की घोषणा 26 जनवरी को हुई थी और बुधवार को रांची में वितरण हुआ। पिता ने बताया कि नितिन का बड़ा भाई और उनकी पत्नी भी सेना में मेजर हैं। वे भी सेवानिवृत्त जवान हैं।
Hindi News:
अमर उजाला ने 13 फरवरी 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “164 पट्टे खारिज, ग्राम सभा में दर्ज होगी 980 बीघा जमीन, हाईकोर्ट ने गुलावली गांव में 1990 में 164 पट्टों के आदेश को किया खारिज” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुलावली गांव में 164 पट्टों के आवंटन के आदेश को खारिज कर दिया है। वर्ष 1990 में अपात्रों के नाम पट्टों का आवंटन किया गया था। हाईकोर्ट ने 980 बीघा जमीन को वापस ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का भी आदेश दिया है। जमीन की कीमत इस समय करीब 400 करोड़ से अधिक है। वहीं गुलावली गांव के पट्टों का एक और केस अभी विभिन्न न्यायालय में विचाराधीन है। 1989 में गुलावली गांव की ग्राम पंचायत ने ग्राम सभा की 980 बीघा जमीन पर 164 पट्टों का प्रस्ताव तैयार किया था। मई 1990 में एसडीएम सिकंदराबाद ने प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी, लेकिन दूसरे पक्ष ने जून, 1990 में एडीएम बुलंदशहर की कोर्ट में आवंटन को चुनौती दी। आरोप लगाया कि अपात्रों को पट्टों का आवंटन किया गया। ज्यादातर लोग ग्राम सभा के निवासी नहीं हैं। वर्ष 1994 में एडीएम कोर्ट ने पट्टों के आवंटन के आदेश को खारिज कर दिया। मेरठ कमिश्नर कोर्ट ने भी एडीएम बुलंदशहर के आदेश को सहीं ठहराया, लेकिन बोर्ड ऑफ रेवन्यू से पट्टों के आवंटन के आदेश को बहाल कर दिया गया। गांव के दूसरे पक्ष ने बोर्ड ऑफ रवेन्यू के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पट्टों का आवंटन निरस्त कर दिया है। साथ ही जिला प्रशासन को पट्टों की जमीन फिर से ग्राम सभा के नाम दर्ज कराने का आदेश दिया है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 13 फरवरी 2025 का प्रमुख समाचार “2041 में 40 लाख जनसंख्या के लिए संसाधनों की तैयारी में जुटा प्राधिकरण” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा के फेज-दो के लिए मास्टर प्लान 2041 के तहत क्षेत्र को 40 लाख की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। मास्टर प्लान-2041 लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने लोगों की मूलभूत जरूरतों के लिए संसाधनों को तैयार करने पर काम शुरू है।
ग्रेटर नोएडा की वर्तमान में करीब 20 लाख आबादी है। प्राधिकरण के मास्टर प्लान के अनुसार वर्ष 2026 में ये आबादी 25 लाख, वर्ष 2036 में 35 लाख और वर्ष 2041 में 40 लाख तक पहुंच जाएगी। प्राधिकरण ने 2041 मास्टर प्लान के तहत अनुमानित जनसंख्या के मद्देनजर संसाधनों को तैयार करने की शुरुआत कर दी है। वर्तमान में शहर में ठोस कूड़ा प्रबंधन के तहत 300 टीडीपी प्रतिदिन निस्तारण की व्यवस्था हो रही है। 2041 में इसे दो हजार टीडीपी करने की योजना है। वहीं ग्रेटर नोएडा फिलहाल पानी की उपलब्धता 326 एमएलडी प्रतिदिन है। 40 लाख की जनसंख्या के लिए 690 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। पानी की अतिरिक्त 364 एमएलडी मांग को देखते हुए गंगाजल से पाइपलाइन व हिस्सेदारी को लेकर अभी से तैयारी शुरू है। वर्तमान में शहर में 174 एमएलडी सीवेज निस्तारित हो रहा है। 40 लाख की जनसंख्या में 690 एमएलडी पानी की खपत में 552.16 एमएलडी सीवेज निकलने का आकलन है। इसके लिए 378 एमएलडी सीवेज के निस्तारण को प्लांट तैयार होगा। बिजली आपूर्ति के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जाएगा। मानक के तहत 15 हजार की आबादी पर एक 11 केवी का सब स्टेशन स्थापित होगा। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि ग्रेटर नोएडा फेज-दो के लिए मूलभूत सुविधाओं के लिए अभी से इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की जरूरत है। इसको लेकर. विस्तृत कार्ययोजना तैयार हो रही है।
दैनिक जागरण के 13 फरवरी 2025 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “कासना की भट्टी में जलकर 1.25 करोड़ का गांजा राख” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिला न्यायालय से अनुमति लेकर बुधवार को पुलिस प्रशासन ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में गांजा तस्करों से बरामद 646 किलो गांजे को जलाकर नष्ट कराया। नष्ट कराए गांजे की कीमत एक करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी व डीसीपी नार्कोटिक्स अशोक कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त ट्विंकल जैन व वर्णिका सिंह की उपस्थिति में सात थानों में पंजीकृत 134 अभियोगों से संबंधित कुल 646.705 किलो गांजे को नष्ट कराया गया। सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन है। जिले में पहली बार गांजे को कराया गया नष्टः जिले में पहली बार गांजे को नष्ट कराया गया है। अभी तक बुलंदशहर ले जाकर गांजे को नष्ट किया जाता था। इसके लिए कासना साइट पांच स्थित औद्योगिक इकाई नेशनल वुड प्रोडक्ट्स का चयन हुआ। दरअसल, गांजे को प्रदूषण विभाग द्वारा स्वीकृत चिमनी या भट्ठी में ही जलाकर नष्ट करने का प्रविधान है, ताकि प्रदूषण कम फैले। कासना के नेशनल वुड प्रोडक्ट्स में भट्ठी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने जिले में ही नष्ट कराने का फैसला लिया। लंबे समय से गांजे को डिस्पोज करने के लिए जगह की तलाश की जा रही थी।
दैनिक जागरण के 13 फरवरी के अंक में “यमुना एक्सप्रेसवे पर एक माह में चार हजार वाहनों ने तोड़ी अधिकतम गति की सीमा” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर 15 फरवरी से वाहनों के लिए गति सीमा 100 किमी प्रतिघंटा होगी। मौसम में बदलाव व कोहरे का प्रभाव लगभग समाप्त है। ऐसे में वाहनों की गति सीमा को पहले की तरह 100 किमी प्रतिघंटा कर दी जाएगी। वहीं, गति सीमा में कमी का वाहन चालकों पर कोई खास असर नहीं हुआ। चालकों ने गति सीमा को तोड़ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरा। पिछले एक माह में एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा का उल्लंघन करने पर चार हजार से अधिक वाहनों का चालान हुआ व 86 लाख से अधिक का जुर्माना लगा।
यमुना प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्दियों में कोहरे से होने वाले हादसे रोकने को गति सीमा में बदलाव किया था। एक्सप्रेसवे पर 15 दिसंबर से दो माह के लिए वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रतिघंटा से घटाकर 75 किमी प्रतिघंटा कर दी गई थी। 15 फरवरी से एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रतिघंटा होगी। इससे अधिक रफ्तार पर वाहन चलाने वालों का चालान होगा। वहीं, वाहन चालकों ने अधिकतम गति सीमा की जमकर धज्जियां उड़ाईं। 15 जनवरी से 10 फरवरी के बीच करीब चार हजार वाहन चालकों ने एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 75 किमी प्रतिघंटा से अधिक रफ्तार से वाहन दौड़ाए। यातायात पुलिस ने उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की। साथ ही 86.64 लाख रुपये जुर्माना किया। यमुना एक्सप्रेसवे के प्रबंधक जेके शर्मा का कहना है कि 15 दिसंबर से 15 फरवरी के लिए एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा में, परिवर्तन किया गया था। मौसम साफ होने से दृश्यता की अब कोई समस्या नहीं है। इसलिए 15 फरवरी से वाहनों की अधिकतम गति सीमा पूर्व की भांति हल्के वाहन के लिए 100 किमी प्रतिघंटा व भारी वाहनों के लिए 80 किमी प्रतिघंटा लागू होगी।
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