
Noida News : नोएडा जन कल्याण समिति ने आरोप लगाया है कि सर्च इंजन गूगल (Google) पर व्यूज बढ़ाने के कारण पत्रकारिता के पवित्र प्रोफेशन का भारी नुकसान हो रहा है। समिति ने यह भी आरोप नोएडा के सेक्टर 27 में आयोजित एक गोष्ठी में आए विचारों के आधार पर लगाया है। गोष्ठी में नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार मौजूद रहे।
नोएडा के सेक्टर 27 में हुई एक गोष्ठी में कहा गया कि गूगल (Google) पर व्यूज बढ़ाने के चक्कर में कुछ कंटेंट राइटर तथा पत्रकार कुछ भी लिख देते हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि उनके द्वारा लिखे गए शब्दों को गूगल (Google) पर पढ़ने के कारण देश व समाज का कितना बड़ा नुकसान हो रहा है। गोष्ठी में बोलते हुए नोएडा जन कल्याण समिति के सचिव आरपी सिंह ने बताया कि गूगल का सिस्टम पोर्टल, वेबसाइट तथा यूट्यूब पर व्यूज के आधार पर विज्ञापन देता है। उन विज्ञापनों के बदले प्रकाशकों को गूगल एडस (Google Ads) के जरिए डॉलर के रुप में धन प्राप्त होता है। बड़ी संख्या में प्रकाशक गूगल से अधिक से अधिक डॉलर कमाने का प्रयास करते हैं। अधिक डॉलर के लालच में अपने व्यूज बढ़ाने के अनेक हथकंडे अपनाए जाते हैं।
श्री सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा हथकंडा सनसनीखेज कंटेंट प्रकाशित करने का है। आम नागरिक इंटरनेट पर सेक्स (SEX) और इससे संबंधित जानकारी पढ़ने के इच्छुक रहते हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में प्रकाश अपने कंटेंट में सेक्स से जुड़ी हुई आधी अधूरी सूचनाएं प्रकाशित करते हैं। आधी अधूरी सूचनाओं के कारण समाज व देश का बड़ा नुकसान हो रहा है।
गोष्ठी में बोलते हुए नोएडा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष अरुण गर्ग ने कहा कि इंटरनेट की पत्रकारिता के कारण भारतीय पत्रकारिता का भारी नुकसान हो रहा है। अपने न्यूज पोर्टल चलाने वाले पत्रकार अथवा न्यूज पोर्टल में काम करने वाले कंटेंट राइटर व्यूज बढ़ाने के चक्कर में चटपटी जानकारी पाठकों को दे रहे हैं। आधी अधूरी जानकारी देने से पत्रकारिता के पवित्र प्रोफेशन का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जन कल्याण समिति की तरफ से गोष्ठी में प्रस्ताव रखा गया कि गलत जानकारी प्रकाशित करने वाली वेबसाइटों तथा न्यूज पोर्टल के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने का कानूनी प्रावधान किया जाए। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
नोएडा जन कल्याण समिति ने प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार से मांग की कि व्यूज बढ़ाने के लालच में गलत तथ्यों पर आधारित कंटेंट को इंटरनेट पर प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करने का कोई कानून बनाया जाए। इस प्रस्ताव की एक प्रति गूगल के प्रबंधकों भी भेजने का प्रस्ताव पास किया गया।
नोएडा जन कल्याण समिति की गोष्ठी में समिति के अध्यक्ष व सचिव के अलावा डॉ. नरेश शर्मा, प्रो. एसपी मिश्रा, राममनोहर सिंह, श्रीमती गीता पांडे, श्रीमती रेखा गर्ग, विपिन कुमार, सरोज रस्तोगी, सचिन कुमार मिश्रा, बीके शुक्ला तथा अमन कुमार शर्मा आदि वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।