
अब सभी बायर्स के हाथ में उनकी रजिस्ट्री होगी। अमिताभ कांत की सिफारिश के तहत 95 प्रतिशत तक समस्या का समाधान हो जाएगा। जो बिल्डर सिफारिश के तहत नहीं आ रहे है उनके खाली पड़ी लैंड और इकाइयों को टेकओवर करने का प्रावधान भी इस सिफारिश में है। यह पहली बार है कि निबंधन विभाग के साथ प्राधिकरण और बिल्डर तीनों कैंप लगाकर सोसाइटी में रजिस्ट्री करेंगे। ताकि बायर्स को दिक्कत न हो। इस मौके पर प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम, एसीईओ संजय खत्री आदि मौजूद रहे।
13 हजार 639 होम बायर्स को उनको मालिकाना हक
बता दे अमिताभ कांत की सिफारिश लागू होने के बाद 35 बिल्डरों ने सहमति दी है। ये सभी बिल्डर 2209 करोड़ रुपए प्राधिकरण में जमा कर देते है तो 13 हजार 639 होम बायर्स को उनको मालिकाना हक मिल जाएगा। सिफारिश के तहत अभी इसी बकाया का 25 प्रतिशत जमा किया जा रहा है। ये कुल बकाया के 552.51 करोड़ है। इसके जमा होने पर 3412 रजिस्ट्री हो जाएगी। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम ने बताया कि अभी 29.86 करोड़ रुपए प्राधिकरण में जमा हुए है।
इसमें करीब 600 बायर्स को मालिकाना हक मिलेगा। आज 100 बायर्स की रजिस्ट्री की जा रही है। इसके लिए कैंप लगाया गया है। बाकी रजिस्ट्री के लिए भी बिल्डर सोसाइटी में कैंप लगाए जाएंगे।