
Noida News : विश्व हृदय दिवस (world heart day) पर अपने दिल को स्वस्थ्य रखने के लिए सेक्टर-137 में बनी सोसायटियों में रहने वालों ने वॉकथॉन में हिस्सा लिया। वॉकथॉन का आयोजन फेलिक्स अस्पताल द्वारा किया गया था। अस्पताल की ओर से सबको टी-शर्ट व नाश्ता भी दिया गया।
फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डी.के गुप्ता ने लोगों को जागरूकता का संदेश देते हुए कहा कि तनाव, नशा और खराब जीवन शैली से लोगों को दिल की बीमारी हो रही है। अब हार्ट अटैक ने आयु सीमा का बैरियर भी तोड़ दिया है। 30 से 40 वर्ष के लोगों में हार्ट अटैक की शिकायत बढ़ गई है। जिस में व्यायाम करते, नाचते-गाते, चलते हुए अचानक मौत होने के कई मामले इन दिनों तेज़ी से सामने आ रहे हैं। खड़े-खड़े व्यक्ति मौत के मुँह में समा रहा है। लोगों के दिल कमज़ोर हो रहे हैं।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि बीते 2 साल में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। मरीजों की मृत्यु तक हो रही है। ज़रूरी है कि युवा जिम जाने से पहले अपने हृदय का चेकअप अवश्य करा लें। हार्ट अटैक की बीमारी पहले 50 से 70 वर्ष की अविधि में होती थी। लेकिन कोविड-19 के बाद से ट्रेंड बदला है। अब 100 मरीजों में से आधे मरीज 30 से 50 वर्ष की आयु वाले पहुंच रहे हैं।
कोविड के बाद से अधिकांश मरीजों के एचएस-सीआरपी में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। यह भी हार्ट अटैक का बहुत बड़ा कारण माना जा रहा है। हार्ट अटैक के पीछे- स्मोकिंग, व्यस्त जीवन शैली के कारण अनियमित आहार, जंक फूड खाना या अधिक मसालेदार भोजन दिल के दौरे का प्रमुख कारण हैं।
- सांस लेने में दिक्कत - जल्दी थकना - सांस फूलना - सीने में दर्द - जलन, - सिर घूमना - पेट और सीने में एक साथ दर्द होना - बीपी बढऩा / घटना
- प्रतिदिन व्यायाम और योग करें - तनाव मुक्त रहें - रेशेदार भोजन करें, फास्ट फूड और तैलीय भोजन खाने से बचें - कोलेस्ट्रॉल, बीपी, शुगर, वेट नियंत्रित रखें - सिगरेट, तंबाकू और अल्कोहल का प्रयोग बिल्कुल न करें - हर 6 माह के अंतराल पर हार्ट से संबंधित जरूरी जांच कराते रहें।