
Noida News : सेक्टर 82 स्थित स्वर्णिम विहार में आरडब्ल्यूए (RWA) द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को कथा व्यास डॉक्टर निधि तेलंग ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। इस दौरा फूलों की होली भी खेली गई, जिससे पूरा वातारण बृजमय हो गया। श्रीकृष्ण के भजनों की धुन पर महिलाएं जमकर झूमींं।
श्रीकृष्ण की बाल लीला का प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास डा. निधि तेलंग ने कहा कि बाल कृष्ण मैया यशोदा और बाबा नंद से पूछते हैं तो वह बताते हैं कि वर्षा के लिए हम सभी व्रजवासी इन्द्र की पूजा करते हैं। भगवान कृष्ण ने सभी को समझाया कि इंद्र की जगह हमें गिरिराज भगवान की पूजा करनी चाहिए। सभी मिलकर गिरिराज भगवान की पूजा करते हैं और उन्हें छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया जाता है। इस बात से क्रोधित होकर इन्द्र पूरे वृज क्षेत्र में लगातार भारी बारिश कराते हैं जिससे चारों ओर त्राहि त्राहि मचने लगी। भगवान कृष्ण ने अपनी उंगली पर गिरिराज पर्वत को धारण कर लिया और सभी की रक्षा की जब इन्द्र को अहसास हुआ कि कृष्ण साधारण बालक नहीं बल्कि साक्षात विष्णु के अवतार है। इन्द्र का अभिमान चूर चूर हो जाता है और वह भगवान से क्षमा मांगते हैं।
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समिति के प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे ने बताया कि गिरिराज भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए साथ ही इस अवसर पर कथा स्थल पर फूलों की होली भी खेली गई, जिससे सम्पूर्ण वातावरण बृजमय हो गया। इस अवसर आयोजन समिति के प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष उर्मिला देवी शर्मा, सचिव सुखवीर सिंह, शेखर, के के जैन,नीतू सिंह,डॉक्टर मीतेश शर्मा,डॉक्टर दीपिका सहित तमाम भगवत्प्रेमी भक्त मौजूद रहे।