
Noida News : आप दुनिया के किसी भी क्षेत्र में रहते हैं और अपनी खुद की फैक्ट्री (इंडस्ट्री) लगाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। भारत के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में आपको यह सुनहरा अवसर मिल रहा है। UP का नोएडा शहर एक विशाल औद्योगिक नगरी है। इसी नोएडा शहर में नोएडा प्राधिकरण ने फैक्ट्री लगाने की नई स्कीम घोषित की है। नोएडा प्राधिकरण की स्कीम के द्वारा जमीन लेकर आप तुरंत अपनी फैक्ट्री लगा सकते हैं।
नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा शहर में फैक्ट्री लगाने वालों के लिए एक स्कीम घोषित की है। इस स्कीम के तहत नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में 14 औद्योगिक प्लॉट निकाले गए हैं। फैक्ट्री लगाने के लिए हर प्रकार से उपयुक्त औद्योगिक भूखंडों की कीमत अलग-अलग सेक्टर में 19320 रूपए प्रति वर्ग मीटर के रेट से लेकर 44850 रूपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई है। इस स्कीम में फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन इंटरव्यू की नई व्यवस्था के तहत आवंटित किए जाएंगे।
नोएडा शहर में अपनी खुद की फैक्ट्री लगाने के लिए इंटरव्यू की नई व्यवस्था के तहत जमीन (प्लॉट) का आवंटन किया जाएगा। अब तक नोएडा में औद्योगिक भूखंड ड्रॉ तथा ई-नीलामी के द्वारा की जाती थी। अब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज सिंह की पहल पर प्लॉट के आवंटन की नई व्यवस्था बनाई गई है। इस नई व्यवस्था में "रैंकिंग सिस्टम" अपनाया जाएगा। इस रैंकिंग सिस्टम के तहत अपनी फैक्ट्री (इंडस्ट्री) लगाने के इच्छुक नागरिकों को उनकी हैसियत के अनुरूप अंक (नम्बर) दिए जाएंगे। 100 अंकों की इस रैंकिंग में सबसे अधिक अंक वाले आवेदक को फैक्ट्री के लिए प्लॉट आवंटित किया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण ने फैक्ट्री लगाने की जो योजना घोषित की है उसकी पूरी जानकारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। फैक्ट्री लगाने के लिए भूखंड लेने के इच्छुक नागरिक को पांच हजार रूपए में एक आवेदन-पत्र खरीदना होगा। उस आवेदन-पत्र के साथ आंवटन की पूरी प्रक्रिया का विवरण भी दिया गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने फैक्ट्री के प्लॉट आवंटित करने के लिए जो रैंकिंग बनाई है उसमें "सनराईज सेक्टर" के उद्योगों पर फोकस रखा गया है। "सनराईज सेक्टर" का उद्योग लगाने वाले उद्यमी को 20 अंक दिए जाएंगे। इसी प्रकार जिस इंडस्ट्री में फोरन डाईटैक्ट फंडिंग लगी होगी उसे 10 नम्बर दिए जाएंगे। अधिक से अधिक निर्यात (Export) करने वाली इंडस्ट्री के लिए भी 10 अंकों की व्यवस्था की गयी है। अधिक रोजगार देने वाले उद्योग को 5 अंक दिए जाएंगे। इसी तरह से 10 अंक इंटरव्यू में हैं तथा अलग-अलग प्राथमिकताओं के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित हैं।