
Noida News (चेतना मंच)। वर्दी का रौब दिखाकर अपने रिश्तेदारों को फ्री में कार में घुमाना एक दरोगा को खासा महंगा पड़ा है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलसी के तहत आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस कमिश्नर के चाबुक से जहां आरोपी दरोगा को उसके किए की सजा मिली है वहीं चाबुक की गूंज से भ्रष्ट पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस कमिश्नर ने शिकायत पर कड़ी कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और वर्दी का दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने थाना सेक्टर 63 में तैनात उप निरीक्षक भूपेंद्र कुमार मिश्रा को प्राइवेट टैक्सी ड्राइवर द्वारा पैसे मांगने पर धमकी देने, राजकीय कार्यों का पालन न करने, पुलिस विभाग की वर्दी की गरिमा को धूमिल करने, पुलिस आचरण नियमों का पालन न करने व विभागीय अनुशासन की धज्जी उड़ाने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए दरोगा भूपेंद्र कुमार मिश्रा के खिलाफ गत दिनों एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत कर जबरन गाड़ी ले जाने व पैसों का भुगतान न करने सहित अन्य आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायती पत्र दिया था। इस मामले की जांच में दरोगा भूपेंद्र मिश्र दोषी पाए गए और उन पर निलंबन की गाज गिर गई।
बता दें कि ग्राम गढ़ी चौखंडी निवासी सौरभ सिंह चौहान ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को लिखे शिकायती पत्र में बताया कि थाना सेक्टर 63 में तैनात उप निरीक्षक भूपेंद्र कुमार मिश्रा पिछले 5 महीने से पुलिस कमिश्नर के नाम पर गाड़ी ले जा रहे हैं। अगर वह गाड़ी का किराया मांगता है तो दरोगा द्वारा अंजाम भुगत लेने की धमकी दी जाती है। सौरव सिंह चौहान ने पत्र में बताया कि उन्होंने जब नि:शुल्क कार देने से इंकार कर दिया तो दरोगा भूपेंद्र मिश्र ने उनके घर पहुंचकर बुजुर्ग माता-पिता के साथ गाली गलौज की और फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी। सौरभ चौहान ने पत्र में आशंका जताई थी कि दरोगा उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भेज सकता है और उसे जान का भी खतरा।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए इसकी गोपनीय जांच कराई। जांच में पता चला कि उप निरीक्षक भूपेंद्र मिश्रा ने कानपुर से आए अपने रिश्तेदारों को दिल्ली लाने ले जाने के लिए इनोवा कार ली थी और उसका भुगतान नहीं किया। इसके अलावा व्यक्तिगत कार्य से दूसरे व्यक्ति की प्राइवेट कार लेकर वह कई बार अपने घर प्रयागराज गए और किराये का भुगतान नहीं किया। अपने स्वार्थ के लिए दरोगा ने सरकारी पद का दुरुपयोग किया। Noida News