
Noida News (चेतना मंच)। नोएडा की एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंस द्वारा ''स्थायित्व उद्यमिता और मूल्य सृजन के लिए व्यवसाय परिवर्तन'' विषय पर दो दिवसीय 6ठें अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का शुभारंभ यूएनडीपी इंडिया के एक्शन फॉर क्लाइमेट एंड एनवांयरमेंट के प्रमुख डॉ. आशीष चतुर्वेदी, एसीसीए इंडिया के प्रमुख कुश अहूजा, बेल्जियम के ल्यूवेन विश्वविद्यालय के ल्यूवेन सेंटर फॉर ग्लोबल गर्वनेंस स्टडीज के उप निदेशक डॉ. एक्सल मार्क्स, दुबई के मिडिलसेक्स विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सप्लाई चेन एक्सलेंस के प्रमुख डॉ. श्रीजीत बालासुब्रमण्यम, लंदन के किग्सटन विश्वविद्यालय के डॉ. मोहम्मद नुरूल्लाह, एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डॉ. डी के बंद्योपाध्याय और एमिटी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड फाइनेंस की निदेशक डॉ. सुजाता खंडाई ने संयुक्त रुप से किया।
सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए यूएनडीपी इंडिया के एक्शन फॉर क्लाइमेट एंड एनवांयरमेंट के प्रमुख डॉ. आशीष चतुर्वेदी ने कहा कि स्थिरता की दिशा में व्यवसाय परिवर्तन की अनिवार्यता स्पष्ट है ग्रह के भविष्य की सुरक्षा करना और उद्यमों की स्थायी सफलता सुनिश्चित करना है। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसी दुनिया जहां व्यवसाय पर्यावरण और समाजिक चिंताओ को दूर करने के बढ़ते दबाव से जुझ रहे है यह सम्मेलन ज्ञान व नवाचार और सहयोग के प्रतीक के रूप में खड़ा है। परिवर्तन का नेतृत्व करने और स्थायी उद्यमिता और स्थायी मूल्य निर्माण के रास्ते खोजने का अनुभव प्रदान करेगा।
एसीसीए इंडिया के प्रमुख कुश अहूजा ने कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को जागरूक करने के लिए किया जा रहे सम्मेलन की पहल उनकी छात्रों के विकास प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने छात्रों को समास्यओं के निवारण के लिए समाधान को प्राप्त करने के लिए शोध करने और कड़ी मेहनत से सफलता हासिल करने सलाह दी।
बेल्जियम के ल्यूवेन विश्वविद्यालय के ल्यूवेन सेंटर फॉर ग्लोबल गर्वनेंस स्टडीज के उप निदेशक डॉ. एक्सल मार्क्स ने कहा कि स्थायित्व के लिए पर्यावरण, प्रदूषण, स्वास्थय और सुरक्षा के मुद्दे और वेतन आदि मुख्य चुनौतियां है। स्थायित्व चुनौतियां, व्यापार संबंधों को परिभाषित करता है जहां चुनौतियों के साथ अवसर भी व्याप्त है। डॉ. मार्क्स ने कहा कि स्वैच्छिक स्थिरता मानक भी एक तरह का जुड़ाव है। इस अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन के अंर्तगत आयोजित तकनीकी सत्र मेें विशेषज्ञों और विद्वानों स्थायित्व वित्त, स्थायित्व संचालन, स्थायित्व मार्केटिंग पर अपने विचार रखें। इस अवसर पर स्थायित्व उद्यमिता पर कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।