जेवर एयरपोर्ट तैयार! ट्रायल शुरू, बस उड़ान की तारीख का इंतजार
भारत
चेतना मंच
30 Oct 2025 05:36 PM
उत्तर प्रदेश का सपना अब हकीकत बनने के कगार पर है। उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने पहले चरण की अंतिम तैयारियों में पहुंच चुका है। नोएडा एयरपोर्ट पर कैलिब्रेशन ट्रायल शुरू हो गए हैं, और सजावट का काम जोरों पर है। अब बस औपचारिक उद्घाटन और पहली उड़ान का इंतजार बाकी है। Noida News :
उड़ान की दहलीज पर जेवर एयरपोर्ट
एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे, एटीसी टावर, पार्किंग जोन, लैंडिंग सिस्टम और यात्री सुविधाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। अब लैंडस्केपिंग, सफाई और इंटीरियर डेकोरेशन जैसे अंतिम टच दिए जा रहे हैं। यह वही प्रोजेक्ट है जिसका इंतजार सिर्फ यूपी ही नहीं, पूरे देश को था। उद्घाटन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मिलते ही कर दी जाएगी। पहले चरण में यहां से घरेलू उड़ानें और एयर कार्गो सेवाएं शुरू होंगी, जबकि कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू होने की उम्मीद है।
कैलिब्रेशन ट्रायल से मिली मंजूरी की रफ्तार
एयरपोर्ट पर कैलिब्रेशन फ्लाइट के ट्रायल शुरू हो चुके हैं। इस प्रक्रिया में रनवे, लाइटिंग, नेविगेशन सिस्टम और सुरक्षा उपकरणों की तकनीकी जांच होती है। डीजीसीए और ऊड्डयन मंत्रालय की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जैसे ही यह परीक्षण सफल होते हैं, ट्रायल फ्लाइट को टेकआफ की अनुमति मिलेगी और उसी के बाद उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी कर रही है। प्रोजेक्ट 2027 तक पूरा होना था, लेकिन कंपनी ने 2025 में ही पहला चरण पूरा कर दिखाया। करीब 4,588 करोड़ की लागत से बने इस चरण ने यूपी में बुनियादी ढांचे के विकास को नई रफ्तार दी है।
मंजूरियां लगभग पूरी, अब सिर्फ लाइसेंस बाकी
गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए की मंजूरियां मिल चुकी हैं। अब केवल एयरोड्रोम लाइसेंस का इंतजार है जो किसी भी एयरपोर्ट को यात्रियों के लिए खोलने से पहले अंतिम अनुमति होती है। यह लाइसेंस मिलते ही विमान कंपनियां टिकट बुकिंग शुरू कर देंगी। शुरुआती चरण में रोजाना 150 फ्लाइट्स का संचालन लक्ष्य है।
इंडिगो और अकासा से शुरुआत
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने इंडिगो और अकासा एयर के साथ साझेदारी की है। दिसंबर तक स्पाइसजेट, एयर इंडिया और कुछ विदेशी एयरलाइंस के साथ समझौते की तैयारी है। इससे यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर भीड़ से राहत मिलेगी और एनसीआर के लिए नया एविएशन विकल्प उपलब्ध होगा।
पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला पूर्ण-डिजिटल मॉडल एयरपोर्ट बनने जा रहा है।
* ड्यूल फाइबर आॅप्टिक नेटवर्क
* हाई-रेजोल्यूशन फेस रिकॉग्निशन कैमरे
* आॅटोमेटेड बैगेज और बोर्डिंग सिस्टम
* दो बड़े डेटा सेंटर
इन सभी तकनीकों से यह एयरपोर्ट भविष्य का स्मार्ट हब कहलाएगा। यात्रियों को फास्ट चेक-इन और मिनिमम वेटिंग टाइम का अनुभव मिलेगा।
कार्गो हब के रूप में नया भारत
पहले चरण में ही 7.5 लाख टन कार्गो क्षमता तैयार है, जिसे भविष्य में 20 लाख टन तक बढ़ाया जाएगा। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, आगरा, बुलंदशहर, मथुरा और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के लिए भारत का नया कार्गो हब साबित होगा। Noida News