
Noida News : नंगला चरणदास गांव में बीती रात बाइक सवार दो बदमाशों ने ज्वैलर को गोली मार दी। गोली मारने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। घायल ज्वैलर का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मूल रूप से हापुड़ के रहने वाले घनश्याम वर्मा अपने परिवार सहित गाजियाबाद के गगन एनक्लेव में रह रहे हैं। घनश्याम वर्मा की नंगला चरणदास गांव में घनश्याम ज्वेलर्स के नाम से ज्वेलरी शॉप है। बीती रात्रि वह दुकान बंद कर अपनी आई 10 कार से घर के लिए जा रहे थे। दुकान से कुछ आगे जाने पर उन्हें बाइक सवार दो युवकों ने रोक लिया और बैग छीनने का प्रयास किया। बैग लूटने में विफल रहने पर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी और फरार हो गए। बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली घनश्याम वर्मा के हाथ में लगी और वह लहूलुहान हो गए। इसके बाद घनश्याम वर्मा गाजियाबाद स्थित अपने घर पहुंचे। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। गाजियाबाद पुलिस से सूचना मिलने पर थाना फेस 2 पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली।
थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। पीड़ित ने जहां घटनास्थल बताया है वहां के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की गई है लेकिन उनमें इस तरह की कोई घटना होनी नहीं मिली है। पीड़ित के बेटे प्रशांत की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच पड़ताल की जा रही है।पुलिस घटना को मान रही संदिग्ध नंगला चरणदास गांव में बीती रात ज्वैलर को गोली मारने की घटना को पुलिस पूरी तरह संदिग्ध मान रही है। हाथ में गोली लगने के बाद ज्वेलर्स नोएडा पुलिस को सूचना देने के बजाय खुद ही कार को ड्राइव करते हुए गाजियाबाद स्थित अपने घर चला गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि नंगला चरणदास गांव में रविवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। ऐसे में भीड़ होने के कारण यहां पुलिस कर्मी तैनात रहते है। घटना होने के बाद भी घनश्याम वर्मा ने ना तो पीसीआर को फोन किया और ना ही बाजार में मौजूद किसी पुलिसकर्मी को घटना की जानकारी दी। हाथ में गोली लगने के बाद भी घनश्याम वर्मा अपनी कार को ड्राइव कर गाजियाबाद पहुंचे। परिजनों ने उन्हें पास के ही किसी अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। इस अस्पताल की दूरी भी उनके घर से करीब 6 किलोमीटर की है। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी इस तरह की घटना से संबंधित कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच करने के साथ-साथ इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है कि आखिरकार घनश्याम वर्मा ने स्थानीय पुलिस को सूचना देना मुनासिब क्यों नहीं समझा।
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