
Noida News / ग्रेटर नोएडा (चेतना मंच)। गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (जिम्स) अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। युवा डॉक्टर द्वारा आत्महत्या करने से सहकर्मियों में शोक व्याप्त है।
मूल रूप से लखनऊ निवासी 36 वर्षीय डॉ. अंकित चतुर्वेदी पुत्र अजीत चतुर्वेदी ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स हॉस्पिटल में कार्यरत थे। वह जीबीयू कैंपस के टाइप टू बी ब्लॉक के फ्लैट नंबर 25 अकेले रह रहे थे। बीती शाम जीबीयू का गार्ड किसी काम से डॉक्टर अंकित चतुर्वेदी के फ्लैट पर पहुंचे गार्ड ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। गार्ड ने डॉक्टर अंकित चतुर्वेदी के पड़ोस में रह रहे सहकर्मियों को दरवाजा ना खोले जाने की सूचना दी।
मौके पर कई डॉक्टर इकट्ठा हो गए और उन्होंने भी दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी जब अंकित चतुर्वेदी ने दरवाजा नहीं खोला तो सहकर्मियों ने इसकी सूचना थाना इकोटेक 1 पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो अंकित चतुर्वेदी फांसी के फंदे पर लटके हुए थे। थाना प्रभारी सरिता मलिक ने बताया कि मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलवा कर साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है। अंकित द्वारा आत्महत्या किए जाने के बारे में परिजन भी कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाए हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच पड़ताल कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।