
Noida News : लाखों की आबादी वाली खोड़ा कॉलोनी आज भी प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रही है। खोड़ा कॉलोनी को नगर पालिका का दर्जा मिले कई साल बीत चुके हैं, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। आलम यह है कि कई लाख की आबादी वाली खोड़ा कॉलोनी में अंतिम संस्कार के लिए एक भी शमशान घाट नहीं है। खोड़ा कॉलोनी में श्मशान घाट बनवाये जाने की मांग को लेकर कॉलोनी वासियों ने नगर पालिका कार्यालय में ज्ञापन दिया है।
खोड़ा रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि खोड़ा कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। प्रशासनिक अधिकारी खोड़ा कॉलोनी के साथ शुरू से ही सौतेला व्यवहार करते आ रहे हैं। आलम यह है कि यहां ना पीने के पानी की व्यवस्था है और ना ही स्कूल हॉस्पिटल और दूसरी मूलभूत सुविधाएं लोगों को उपलब्ध हैं। किसी व्यक्ति का निधन होने पर उसे उसका अंतिम संस्कार करने के लिए खोड़ा के किसी भी वार्ड में श्मशान घाट तक नहीं है। ऐसी स्थिति में लोगों को अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के गाजीपुर अथवा गाजियाबाद के श्मशान घाट जाना पड़ता है। अपने प्रिय जन की मौत से दुखी परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए इन श्मशान घाट तक पहुंचने पर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खोड़ावासी पूर्व में भी कई बार नगर पालिका अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठा चुके हैं लेकिन अभी तक इसका निराकरण नहीं हो पाया है। कई दशक बीतने के बाद भी खोड़ा के किसी भी वार्ड में अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट का निर्माण नहीं कराया गया है। उन्होंने बताया कि हाईवे के पास काफी खाली जमीन पड़ी हुई है जो नोएडा प्राधिकरण की है। अस्थाई रूप से इस जमीन पर खोड़ा की जनता को श्मशान घाट की सुविधा दिलाई जा सकती है।
श्री जोशी ने कहा कि कई बार खोड़ा वासियों को ऐसा लगता है कि वह दिल्ली एनसीआर में नहीं बल्कि देश के बॉर्डर पर रहते हैं जहां सुविधा लेने के लिए दोनों देशों की सरकार से रजामंदी लेनी पड़ती है। खोड़ा कॉलोनी वासियों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर नगर पालिका अधिकारियों को एक बार फिर ज्ञापन देकर इन समस्याओं के निराकरण की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में राकेश रावत, उमेश सिंह, सत्यपाल, पंकज पाल, दीपचंद, श्याम सुंदर शुक्ला, केशवराम, शशि भूषण, ललित मिश्रा, दीपक पांडे, ललित रावत, गिरीश, रेखा राणा आदि शामिल थे।