नोएडा में साइबर अपराध के साथ-साथ डाटा चोरी कर कंपनियों को करोड़ों का चूना पूव कर्मचारी लगा रहे हैं। ऐसे ही एक पूर्व कर्मचारी को नोएडा की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसने कम्पनी का डाटा चोरी किया था और उस डाटा का इश्तेमाल कर कंपनी को लाखों का नुकसान पहुंचा रहा था। कंपनी मालिक की शिकायत पर नोएडा साइबर पुलिस ने जांच की, तो पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। Noida News
पैकर्स मूवर्स कंपनी का डाटा किया था चोरी
गिरफ्तार आरोपी की पहिचान आदमपुर जिला हिसार हरियाणा के रूप में हुई है। वह नोएडा की एक नामी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी में नौकरी करता था। नौकरी के दौरान ही पैकर्स एंड मूवर्स लिमिटेड कम्पनी का डाटा अनाधिकृत रूप से चोरी कर लिया। जिसके बाद वह कम्पनी से जुड़े ग्राहकों को कॉल करता था और खुद ही सामान को ट्रांसपोर्ट कर मोटा लाभ कमाता था। आरोपी ने दर्जनों लोगों के घरेलू सामान को ट्रान्सपोर्ट किया है। जिससे कंपनी को लाखों का नुकसान हुआ है। वहीं आरोपी के चलते ग्राहकों को परेशानी हुई, जिससे कंपनी का नाम भी खराब हुआ है। जिसके बाद कंपनी मालिक की ओर से 18 जुन को थाना साइबर क्राइम पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
कंपनी की आईडी क्रेक कर चुराया था डाटा
नोएडा की साइबर पुलिस ने गिरफ्तार कर आरोपी से पूछताछ, तो उसने बताया कि एपीएमएल कंपनी में वह कई सालों से काम कर रहा था। इस दौरान उसने कंपनी की कई जानकारियां हांसिल की और बाद में स्वयं का पैकर्स एंड मूवर्स की कंपनी खोलकर काम करने लगा। इस दौरान उसने वेबसीरीज देखकर कम्पनी का डाटा चुराने के बारे में सीखा गया एवं बाद में एपीएमएल कम्पनी के ऐप की लॉग-इन आईडी व पासवर्ड को क्रेक कर डाटा चुरा लिया। कुछ दिन तक तो वह कंपनी में नौकरी के दौरान ही अपनी कंपनी की ओर ग्राहकों को रेफर कर देता था। जब उसने अच्छा खासा धन बना लिया, तो वह डाटा लेकर अपनी कंपनी में बैठ गया और एपीएमएल कम्पनी का कर्मचारी बनकर ग्राहकों से कॉल के माध्यम से बात कर कम्पनी के कार्य को प्रभावित किया गया एवं कम्पनी को क्षति पहुंचाता रहा। Noida News
साइबर सुरक्षा के लिए निम्न विंदुओं को ध्यान से पढ़ें
1- अपना पासवर्ड सदैव स्ट्रांग रखिए।
2- पासवर्ड अल्फा, न्यूमेरिक होना चाहिए और उसमें स्पेशल करैक्टर का भी प्रयोग किया जाना चाहिए।
3- अपना पासवर्ड नियमित रूप से बदलते रहना चाहिए।
4- अपना पासवर्ड अपनी डायरी में नहीं लिखना चाहिए।
5- अपने नाम, परिजनों का नाम, व्हीकल नम्बर, मोबाइल नम्बर आदि को पासवर्ड के रूप में प्रयोग न करें।
6- एक ही पासवर्ड को अलग-अलग पोर्टल, साइट्स व अन्य प्लेटफॉर्म के लिए इस्तेमाल न करें।
7- किसी भी कम्पनी के टोल फ्री अथवा हेल्पलाइन नम्बर के लिए गूगल सर्च का प्रयोग न करें। यदि गूगल सर्च का प्रयोग करें, तो केवल अधिकृत वेबसाइट पर दिए गए टोल फ्री अथवा हेल्पलाइन नम्बर का ही प्रयोग करें।
8- यदि कोई भी साइबर अपराधी किसी कम्पनी का नाम लेकर के आपसे संपर्क करता है, तो उसकी बातों पर विश्वास न करके कम्पनी के टोल फ्री नंबर या हेल्पलाइन नंबर पर बात करें। जब यह विश्वास हो जाए कि कॉल करने वाला व्यक्ति कम्पनी से ही कॉल कर रहा है। तभी कोई सूचना साझा की जानी चाहिए। Noida News