
Noida News : इन दिनों नोएडा शहर में हर तरफ नोएडा एम्पलाइज एसोसिएशन के चुनाव की चर्चा है। नोएडा शहर का यह चुनाव इतना महत्वपूर्ण क्यों है कि हर कोई इस चुनाव की चर्चा कर रहा है। हम आपको बता रहे हैं इस चुनाव की अहमियत और चुनाव मैदान की तैयारियों का हाल।
आपको बता दें कि नोएडा एम्पलाइज एसोसिएशन नोएडा क्षेत्र का सबसे बड़ा कर्मचारी संगठन है। इस संगठन का अध्यक्ष नोएडा का प्रमुख नेता माना जाता है। नोएडा प्राधिकरण में इस संगठन के अध्यक्ष की तूती बोलती है। नोएडा एम्पलाइज एसोसिएशन (एनईए) के अध्यक्ष की सिफारिश को नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी अनदेखा नहीं कर सकते। प्राधिकरण के इतिहास में जब कभी किसी अधिकारी ने एनईए के अध्यक्ष की बात नहीं सुनी तो उस अधिकारी को नोएडा से हटना पड़ा है।
नोएडा एम्पलाइज एसोसिएशन का चुनाव दो नवंबर 2023 को होना है। इस चुनाव में दो पैनल आमने-सामने हैं। जीत का प्रमुख दावेदार माना जा रहा पैनल एनईए के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार चौधरी का पैनल है। राजकुमार चौधरी के पैनल में अध्यक्ष पद के लिए राजकुमार चौधरी, महासचिव जितेन्द्र कुमार, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार तथा वीरपाल, सचिव पद पर अमित कुमार तथा नीरज राणा के साथ कोषाध्यक्ष पद के लिए सुभाष चंद दावेदार हैं।
दूसरी तरफ सबको चौंकाते हुए चुनावी मैदान में उतरी श्रीमती बिमला देवी का पैनल मैदान में है। बिमला देवी के पैनल में अध्यक्ष पद के लिए बिमला देवी, महासचिव पद के लिए योगेश भाटी, उपाध्यक्ष पद के लिए सुमित शर्मा और प्रसादी गौतम, सचिव पद के लिए नरेश चंद और रणधीर कुमार सिंह तथा कोषाध्यक्ष पद के लिए राजपाल सिंह चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं। दोनों ही पैनल अपने-अपने हिसाब से मतदाताओं को अपनी ओर एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं।
नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों की राजनीति को समझने वालों का दावा है कि तमाम अड़चनों के बावजूद सफल अध्यक्ष रह चुके राजकुमार चौधरी के पैनल का पलडा भारी है। पहली बार महिला अध्यक्ष बनने का नारा लगाकर चुनाव लड़ रही बिमला देवी को कुछ राजनीति के खिलाड़ियों ने अपने चक्रव्यूह में फंसा लिया बताया जाता है। नोएडा प्राधिकरण के 927 कर्मचारी 2 नवंबर 2023 को नोएडा एम्पलाइज एसोसिएशन के भविष्य का फैसला करेंगे।