
Noida News: रविवार को हास्य दिवस (World Laughter Day) के अवसर पर नोएडा जमकर और दिल खोलकर हंसा। रविवार की सुबह 6.45 से 8 बजे तक हंसी योग समुदाय ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ सैकड़ों की संख्या में नोएडा के सेक्टर 21 जलवायु विहार कम्युनिटी सेंटर जेवीसीसी ग्राउंड में विश्व हास्य दिवस का आयोजन किया।
इस आयोजन में नोएडा के बहुत से प्रबुद्धजनों ने परिवार सहित भाग लिया। कार्यक्रम के सूत्रधार अशोक साहनी के अनुसार हास्य दिवस स्वास्थ्य के बारे में विशेष वैश्विक जागरूकता पैदा करने के लिए नामित दिवस है। उनका मानना है कि बच्चे दिन में लगभग 400 बार हँसते हैं। हम बड़े होने पर दिन में दस बार भी नहीं हँसते। विश्व हंसी दिवस नोएडा के आयोजक नरेंद्र महाजन ने बताया कि नोएडा में हंसी का यह खास आयोजन हर वर्ष 7 मई सुबह 6:45 से लेकर 8:00 तक मनाया जाता है। इस बार यह संस्था का छठां आयोजन है। पहले इस में भाग लेने वालों की संख्या कम रहती थी। लेकिन अब नोएडा शहर के तमाम गणमान्य व प्रतिष्ठित नागरिक इसमें शामिल होते हैं। नरेंद्र का मानना है कि अब हमें पहले से ज्यादा हंसने की जरूरत है। विशेषकर कोरोना के बाद से तो लोग हँसना लगभग भूल ही गये हैं। वे प्यार और हंसने को दुनिया की सबसे शक्तिशाली भावना मानते हैं। जिसको आपस में साँझा करने के लिए किसी भाषा की आवश्यकता नहीं होती।आज के जीवन की परेशानियों से उभरकर खुलकर सुबह लगभग 30 मिनट तक हंस लेना पूरे दिन को अवसाद नेगेटिविटी से दूर कर सकारात्मकता की ओर ले जाता है। उषा ककड़ व धनेनद्र ककड़ के अनुसार, नित्य अभ्यास से सुख और विश्व शांति स्थापित होती है। इसलिए लाफ्टर योग एक शक्तिशाली तकनीक है। जो कि कितना भी चुनौतीपूर्ण समय हो, लेकिन हम में सकारात्मकता बनाए रख सकती है। जब भी अशोक साहनी देश में नहीं होते। तब उषा ककड़ व धनेनद्र ककड़ ही इस क्लब को जारी रखते हैं।
अनुराधा महिष्कर का मानना है कि यह कॉमेडी नहीं है। यह एक अभ्यास कार्यक्रम है। आपका हंसने का मन हो या न भी हो तो भी आप अपने हास्य योग के साथियों के साथ इसमें हंस सकते हो। लगभग 30 मिनट की हंसी मजाक तथा योगाभ्यास तनाव को कम कर सकता है। क्लब की मेम्बर सरोज वर्मा जो बिना नाग यहाँ आती हैं के अनुसार इससे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। और हमारे दिमाग को सकारात्मक मिलती है। गीता मेनन के अनुसार हंसी और सांस लेने के व्यायाम हमारे फेफड़ों को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। जिससे संक्रमण को रोकने की हमारे शरीर को शक्ति मिलती है।
क्लब के संस्थापक डॉक्टर मदन कटारिया हैं जिन्होंने 1995 में मुंबई में इसे शुरू किया था। लेकिन अब यह जगह जगह फैल चुका है।तथा लगभग 120 से अधिक देशों को हंसा रहा है। गीता मेनन का कहना है कि हंसी एक सार्वभौमिक भाषा है। जिसके द्वारा हम सब बोलते हैं कोई भी भाषा बाधा नहीं है। बल्कि यह सोशल लाफ्टर क्लब लोगों को कनेक्ट कर रहे हैं। यह विभिन्न संस्कृतियों और देशों को एक सामाजिक नेतृत्व प्रदान करते हैं। लोग आपस में मिलते हैं और एक परिवार की तरह इसमें जुड़ते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित लगभग 300 सुपर सीनियर, सीनियर, युवा तथा कुछ बच्चे भी सभी लोग एक साथ खड़े हुए जो खड़े नहीं हो सकते थे। उन्होंने बैठकर लगभग 30 मिनट तक दिल खोलकर सांस लेने, स्ट्रेचिंग तथा खिलखिलाकर, ठहाके मारकर या चुप रहकर कैसे हंसे एक्सरसाइज कीं। जिनमें 90 तथा सबसे सुपर सीनियर 96 वर्ष भी शामिल थे। इन सभी के हाथ आकाश की ओर इशारा कर रहे थे। ये सभी प्यार और शांति के सकारात्मक स्पंदन भेजते से लग रहे थे। इस आयोजन को करने वाली टीम के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र महाजन ने कार्यक्रम के पश्चात अपनी संपूर्ण टीम को इतने बड़े आयोजन की व्यवस्था के लिए धन्यवाद दिया।