
नोएडा न्यूज लाइव : उत्तर प्रदेश के नोएडा में आवारा और पालतु कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। पालतु कुत्तों के लिए नोएडा प्राधिकरण द्वारा पॉलिसी लागू किए जाने के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है। नोएडा में रहने वाले डॉग लवर खुलेआम अपने कुत्तों को सड़क पर भ्रमण करा रहे हैं। इस दौरान न तो पट्टा और न ही कुत्तों के मुहं पर मास्क होता है। नतीजतन कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा नोएडा में डॉग पॉलिसी को लागू किया गया है। लेकिन इसमें कोई सफलता मिलती नहीं दिख रही है। लोग भले ही अपने पालतु कुत्तों का रजिस्ट्रेशन करा रहे हो, किंतु वे प्राधिकरण के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर माह में कुत्ते के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
नोएडा में पिछले दिनों में दो डॉग बाइट की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की राधा स्काई गार्डन सोसायटी के पार्क में खेल रहे आठ साल के बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। आवारा कुत्तों को लोग फीडिंग करा देते हैं। वे इधर-उधर भटकते रहते हैं। बच्चों को देखते ही ये आवारा कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। पार्क में खेल रहे बच्चे के साथ भी इसी प्रकार की घटना घटी। बच्चे की कमर पर कुत्ते ने काटा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुला लिया। सेक्टर 34ए में पिटबुल अटैक का मामला आया है। पिटबुल ने एक अन्य पालतू कुत्ते को काटकर जख्मी कर दिया। गंभीर रूप से घायल डॉगी को स्थानीय क्लिनिक में ले जाया गया। वहां उसे 10 टांके लगाने पड़े। पिटबुल पर विशेष रूप से सतर्कता बरतने के आदेश के बाद भी इस प्रकार की घटना पर लोग सवाल करने लगे हैं।
अगस्त 2023 में करीब 9 हजार से ज्यादा लोगों को कुत्ते की काटने की घटना घटी है। 12 हजार से ज्यादा लोगों को ऐंटी रैबीज इंजेक्शन जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाया गया है। जिले में हर रोज 100 से 150 लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाई जा रही है।
यह स्थिति तब है जब नोएडा प्राधिकरण की ओर से डॉग पॉलिसी लागू की गई है। पेट्स को पालने वालों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इस प्रकार की स्थिति ने नोएडा प्राधिकरण के स्तर पर नियमों को लागू किए जाने को लेकर संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा कर दिया है। इस प्रकार की स्थिति को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।