
नोएडा न्यूज लाइव। नोएडा के स्टेडियम में आयोजित होने जा रहे रामलीला मेले को लेकर आयोजकों को प्रशासन के कड़े नियमों ने पसीने दिला दिए हैं। मेले में लगने वाले झूलों का संचालन तब तक नहीं होगा, जबकि तक उनकी रोजाना चेकिंग और टेस्टिंग ना कर ली जाए। झूलों की रोजाना कई बार चेकिंग होगी।
आपको बता दें कि यूपी में पिछले दिनों आयोजित हुए मेलों में लगे झूले टूटने के कई हादसे हो चुके हैं। यही नहीं नोएडा के सेक्टर 45 में लगे सोम बाजार में भी करीब पंद्रह दिन पहले एक झूला टूट गया था, जिसमें एक वृद्धा की मौत हो गई थी। हादसों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को सख्त हिरायत दी है। सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले झूलों को ही संचालन की अनुमति दी गई है।
मेला कमिटी के महासचिव संजय बाली ने बताया कि हर झूले के मालिक को प्रशासन द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट मिल गया है। साथ ही हर रोज संचालन से पहले झूलों को एक बार चेक जरुर किया जाएगा।
आपको बता दें कि जब कोई भी झूला मालिक अपने झूलों को किसी मेले में लगाता है तो उसके लिए उसे प्रशासन से फिटनेस सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। इसके बावजूद कई बार हादसे हो जाते हैं। 15 अक्टूबर से रामलीला और उसमें बड़े बड़े झूलों को हर बार की तरह लगाया गया है।
कोई हादसा ना हो इस बाबत मेला कमेटी के महासचिव संजय बाली ने बताया कि सभी झूला मालिकों को फिटनेस सर्टिफिकेट मिल गया है। छोटे झूले छोटे बच्चों के लिए तथा बड़े झूले सिर्फ बड़ों के लिए ही खोले जाएंगे। हर रोज झूलों को चलाने से पहले एक बार हर तरह से चेक करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।