
Noida News उत्तर प्रदेश के नोएडा से सटे गाजियाबाद शहर और जनपद के रोडवेज बस अड्डों की दशा सुधारने के लिए यूपी की योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नोएडा के नजदीक बने गाजियाबाद जनपद के पांच बस अड्डों की छतों को अब कॉमर्शियल प्रयोग में लाया जाएगा। इसके लिए यूपी के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सेरश खन्ना ने इस योजना को मंजूरी दे दी है।
आपको बता दें कि गाजियाबाद में स्थित पांच बस अड्डों की छतों का वाणिज्यक प्रयोग किया जाएगा। इन बस अड्डों की छतों से रोडवेज विभाग द्वारा कमाई की जाएगी। जिसके लिए शासन स्तर से अनुमति मिल गई है। 5 रोडवेज बस अड्डों की छतों पर आलीशान होटल, रेस्टोरेंट और कई अन्य प्रकार की दुकानें खोली जाएंगी। इससे जहां लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को फायदा होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग भी इनका उपयोग कर सकेंगे।
गाजियाबाद रोडवेज रीजन के गाजियाबाद, लोनी, बुलंदशहर, खुर्जा, हापुड़ और सिंकदराबाद में इस परियोजना पर काम किया जाएगा। काम शुरू करने से पहले बस अड्डों की सभी इमारतों का लोक निर्माण विभाग की ओर से निरीक्षण किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी अपनी रिपोर्ट में अगर सभी इमारतों के लिए सहमति देगा, उसके बाद ही इन बस अड्डों की छतों पर निर्माण को मंजूरी दी जाएगी।
लोक निर्माण विभाग गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता राम राजा ने बताया कि गाजियाबाद रीजन में जितने भी बस अड्डे हैं, वे 15 से 20 साल पुराने हैं। ऐसे में हमने रोडवेज अधिकारियों को पत्र लिखकर पहले डिटेल मांगी है कि वह बताएं कि इन इमारतों को कब और किस संस्था ने बनाया था। उसके बाद बारी-बारी से इनका सर्वे किया जाएगा। क्योंकि अगर छतों पर कोई निर्माण किया जाना है तो इसके लिए पहले जरूरी है कि सबकी नींव मजबूत हो। यदि नींव मजबूत नहीं होगी तो फिर पहले उसे मजबूत किया जाएगा। उसके बाद ही वहां कोई कमर्शल एक्टिविटी शुरू हो पाएगी। फिलहाल केवल सर्वे करना है।
आपको बता दें कि यूपी के 76 बस अड्डों को सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट आदि बनाने की योजना में शामिल किया है। इस परियोजना में इन बस अड्डों की छतों का कॉमर्शियल प्रयोग किया जाएगा। इस योजना में गाजियाबाद के पांच बस अड्डे शामिल हैं। गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश समेत अन्य इलाकों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं, इसलिए यहां 5 बस अड्डों को विकसित किया जाएगा। गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर में शामिल हैं, इस कारण लोग यहां काम की तलाश में आते हैं और त्योहारों व अन्य अवसरों पर बड़ी संख्या में घर जाने के लिए बसों का इस्तेमाल करते हैं।