नोएडा में लगा शिक्षा का महाकुंभ, उपराष्ट्रपति ने किया उद्घाटन
Noida News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:43 PM
Noida News : नोएडा शहर के लिए सोमवार का दिन बहुत खास दिन साबित हुआ। नोएडा में सोमवार को शिक्षा का महाकुंभ शुरू हो गया है। शिक्षा जगत के इस बड़े आयोजन का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। शिक्षा जगत का यह बड़ा आयोजन नोएडा में स्थापित प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी एमिटी (Amity Unuversity) में हो रहा है। नोएडा में आयोजित शिक्षा जगत के इस बड़े आयोजन में उपराष्ट्रपति ने बड़ी बात कही है।
क्या है नोएडा में आयोजित शिक्षा जगत का बड़ा आयोजन?
नोएडा में शिक्षा जगत का बहुत बड़ा आयोजन एमिटी विश्वविद्यालय (Amity University) में हो रहा है। नोएडा में आयोजित आयोजन भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के 100 वर्ष पूरे होने की खुशी में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में भारत के 300 विश्वविद्यालयों के कुलपति एक साथ भाग ले रहे हैं। नोएडा शहर में शिक्षा जगत का यह सबसे बड़ा आयोजन हो रहा है। इसी कारण नोएडा के इस आयोजन का शिक्षा का महाकुंभ भी कहा जा रहा है।
AIU के अध्यक्ष ने दी नोएडा के आयोजन की पूरी जानकारी
भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के अध्यक्ष प्रो विनय कुमार पाठक ने कहा कि, बहुत गर्व और उद्देश्य की सामूहिक भावना के साथ एआईयू के कुलपतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रहे है - यह न केवल हमारी 100 वर्ष की यात्रा पर चिंतन करने का, बल्कि भारतीय उच्च शिक्षा के भविष्य को साहसपूर्वक आकार देने का क्षण है। एआईयू एकता और नवाचार के माध्यम से अकादमिक उत्कृष्टता, सहयोग और वैश्विक नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान नोएडा में स्थापित एमिटी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि एमिटी यूनिवर्सिटी को एआईयू की शताब्दी के अवसर पर कुलपतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने पर बेहद गर्व और प्रसन्नता है। यह सम्मेलन भारत में शिक्षा के रोडमैप की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। विकसित भारत 2047 का विजन तभी हासिल किया जा सकता है जब शिक्षा उद्योग राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जुड़ जाए। उद्योगों के साथ सहयोग, बहु-विषयक दृष्टिकोण और समावेशी शिक्षा, साथ ही प्रौद्योगिकी का एकीकरण, कुछ ऐसे प्रमुख कारक हैं जो देश में शिक्षा के परिदृश्य को बदल देंगे। सम्मेलन का विषय आज के परिदृश्य में बेहद प्रासंगिक है क्योंकि यह भारत में उच्च शिक्षा के भविष्य को आकार देगा और नियामक निकाय विभिन्न नीतियों में आवश्यक बदलाव करने में सक्षम होंगे।
भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) की प्रधान सचिव डॉ. (श्रीमती) पंकज मित्तल ने बताया कि कुलपतियों का राष्ट्रीय सम्मेलन भारतीय उच्च शिक्षा में अकादमिक संवाद को बढ़ावा देने और नीति को आकार देने की एआईयू की 100 साल की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस वर्ष का विषय है, भविष्य की उच्च शिक्षा की परिकल्पना - भारत की महत्वपूर्ण भूमिका, जो शिक्षा, नवाचार और सतत विकास में भारत को वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने के लिए एआईयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सम्मेलन कुलपतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य परिणामों पर केंद्रित है जिसके तहत भारत में उच्च शिक्षा के परिवर्तन के लिए एक व्यापक कार्य योजना की घोषणा की जाएगी और उच्च शिक्षा के भविष्य पर एक नीति पत्र लाया जाएगा। कुछ प्रमुख परिणामों में अत्याधुनिक तकनीकों, नवीन शिक्षण पद्धतियों और समावेशिता और स्थिरता को बढ़ावा देने वाली नीतियों को अपनाने पर आम सहमति शामिल होगी।
विकसित भारत के मिशन में शिक्षा का बड़ा योगदान
नोएडा के सेक्टर-125 में स्थित इस आयोजन का उद्घाटन सोमवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। इस मौके पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि विकसित भारत के मिशन में शिक्षा का बड़ा योगदान है। नोएडा शहर के सेक्टर 125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित सम्मेलन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बोले कि इतने कुलपतियों के बीच आने पर वह खुद को एक विद्यार्थी की तरह महसूस कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा किसी भी गणराज्य को जीवंत रखने के लिए महत्वपूर्ण है। शिक्षा समाज को संवारती है, समानता लाती है।
नई शिक्षा नीति को हमे स्वयं बेहतर गंभीरता से समझना होगा और उसे छात्रों को भी उतनी ही गंभीरता से समझाना है। छात्रों को बताना होगा कि नई शिक्षा नीति जीवन के लिए कितनी जरूरी है और इस नीति के तहत चलने से बहु अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हर घर गैस कनेक्शन हैं, हर घर शौचालय और हर घर बिजली उपलब्ध है। हर कोई शिक्षा का महत्व भी समझ रहा है। वहीं उन्होंने आगे कहा कि लोगों के जीवनभर घर, कार्य क्षेत्र से लेकर आस पास का वातावरण और स्थिति बदलती रहती हैं। हमें हर एक स्थिति को एक अवसर के रूप में लेना है। उस अवसर का सदुपयोग कर विकसित भारत के मिशन को बढ़ावा देना है।
नोएडा में छात्रों की डिग्री के विषय में भी बोले उपराष्ट्रपति
नोएडा में आयोजित शिक्षा जगत के इस बड़े आयोजन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि छात्रों के लिए कहा कि सिर्फ डिग्री तक ही छात्रों को सीमित न करें बल्कि उन्हें उनके नए विचारों, नवाचारों को प्राथमिकता देकर उन्हें बढ़ावा दें। इन नए विचारों से वैश्विक स्तर पर कई सकारात्मक बदलाव आते हैं। उन्होंने आए हुए सभी कुलपतियों को महाभारत के दौरान कृष्ण का रूप बताया। उन्होंने कहा कि आप सभी एक कृष्ण हैं जो अर्जुन तैयार करते हैं, कृष्ण की तरह छात्र रूपी अर्जुन को अपना मार्गदर्शन देते हैं और उन्हें युद्ध रूपी जीवन में जीत हासिल कराते हैं, इसलिए हर संभव उनके लिए पूरी मदद करनी है।
उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म की। इससे अब वहां के लोगों, छात्रों को मौलिक अधिकार मिल सके। आज वहां के छात्र भी तेजी से ज्ञान के क्षेत्र में अपने कदम रख रहे हैं। अब तेजी से जम्मू कश्मीर भी आगे बढ़ रहा है। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि इस बात को कभी नहीं भूलना है कि भारत सदियों से ज्ञान का भंडार रहा है। जहां हमारे पास तक्षशिला जैसी प्राचीन विश्वविद्यालय रही, जो सिर्फ चाणक्य के लिए ही नहीं बल्कि अपने गहन ज्ञान के भंडार के भी प्रसिद्ध है। इसी तरह के भारतीय प्राचीन विश्वविद्यालय से निकले शिक्षाविदों ने पूरे विश्व को राह दिखाई, ज्ञान बढ़ाने में मददगार बने। हमारे पास भाभा परमाणु केंद्र है, यह सभी हमे गौरवान्वित करने वाली विरासतें हैं।