देश में बढ़ रहा है ‘मेल फर्टीलिटी डिटेक्शन’ : डा. पारितोष
Noida News
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 02:11 PM
Noida News नोएडा (चेतना मंच)। एमिटी विश्वविद्यालय, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को ना केवल अनुसंधान व नवाचार के लिए प्रेरित करती है बल्कि उद्यमियों को प्रौद्योगिकी को उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित भी करती है। इसी के तहत एमिटी विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती की उपस्थिती में एमिटी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों डा. प्रियंका नारद और डा. अभिषेक सेनगुप्ता की विकसित की गई प्रौद्योगिकी ‘‘एआई बेस्ड सॉफ्टवेयर फॉर मेल फर्टीलिटी डिटेक्शन’’ को पुणे के एपीएस लाइफ टेक के संस्थापक व चेयरमैन डा. पारितोष सरकार को हस्तांतरित किया गया।Noida News
समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने पर बेहद प्रसन्नता
पुणे के एपीएस लाइफ टेक के संस्थापक व चेयरमैन डा. पारितोष सरकार ने कहा कि एमिटी के साथ इस समझौते पत्र पर हस्ताक्षर कर बेहद प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं। वर्तमान में पुरुष बांझपन बढ़ रहा है और हमारा लक्ष्य इस प्रौद्योगिकी को अन्य देशों में भी निर्यात करना है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह अधिकतम लोगों तक पहुंचे। एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा. डब्लू सेल्वामूर्ती ने कहा कि इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों की मौजूदगी हममें नये उत्साह का संचार करती है। डीएसटी द्वारा पहला प्रौद्योगिकी सक्षम केंद्र एमिटी विश्वविद्यालय में स्थापित किया गया था जिसका उददेश्य प्रौद्योगिकियों का विकास और हस्तांतरण के लिए इकोसिस्टम का निर्माण करना था। एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ बायोटेक्नेालॉजी के वैज्ञानिकों डा. प्रियंका नारद और डा. अभिषेक सेनगुप्ता ने विकसित की तकनीक ‘‘एआई बेस्ड सॉफ्टवेयर फॉर मेल फर्टीलिटी डिटेक्शन’’ के संर्दभ में जानकारी देते हुए कहा कि यह तकनीक वाई क्रोमोसोम माइक्रोडिलिशन के साथ पुरुषों में एआरटी सफलता की पूर्व सूचना देता है और यह सूचना मशीन लर्निंग एलगॉरिथम के माध्यम से प्राप्त होती है।