Noida News : नोएडा । नोएडा प्राधिकरण की उदासीनता का ही परिणाम है कि प्रदेश के शोविंडो कहे जाने वाले नोएडा शहर में आवारा कुत्ते अब आदमखोर हो गए हैं। सेक्टर-100 स्थित लोट्स बुलेवार्ड सोसायटी में आवारा कुत्तों के हमले में बुरी तरह घायल हुए 8 माह के मासूम बच्चे ने निजी अस्पताल में उपचार के दौरान देर रात दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद स्ट्रीट डॉग को लेकर सोसायटी वासियों में भय का माहौल है। आज सुबह सोसायटीवासी सड़क पर उतर आए और रोड़ जाम कर दिया। सोसायटीवासी डॉग फ्री सोसायटी तथा डॉग लवर्स के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे थे। सोसायटीवासियों ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई और बड़ी देर तक हंगामा कर रोड़ जाम कर दिया। सूचना पर एसीपी रजनीश वर्मा, थाना सेक्टर-39 प्रभारी राजीव बालियान सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। मौके पर पहुंचे नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश को लोगों का विरोध झेलना पड़ा।
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सोसायटी वासी मांग कर रहे थे कि नोएडा में स्ट्रीट डॉग को लेकर ठोस नीति बनाई जाए ताकि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों। सोसायटी के लगभग 200 निवासियों ने हस्ताक्षर कर अपनी शिकायत पुलिस व प्राधिकरण को सौंपी है। वहीं कुत्तों के हमले का शिकार बने मासूम बच्चे के परिवार का इस हादसे के बाद बुरा हाल है।
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बता दें कि कुत्तों ने बच्चे पर हमला कर उसे बुरी तरह से नोंच डाला था, बच्चे के पेट पर कुत्तों के काटने की वजह से आंत भी बाहर आ गई थी। जिसके बाद उसे इलाज के लिए सेक्टर-110 स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात तक बच्चे का ऑपरेशन चलता रहा। कुत्तों के हमले से बच्चे के पेट पर 25 जगह छेद हो गए थे।
दरअसल इन दिनों सोसायटी में सड़क निर्माण का काम चल रहा है। राजेश कुमार अपनी पत्नी सपना देवी और अपने 8 माह के बच्चे अरविंद को लेकर यहां काम करने आया था। यहां काम करने के दौरान उन्होंने बच्चे को पास में छोड़ दिया। शाम करीब साढ़े चार बजे आवारा कुत्तों ने बच्चे को बुरी तरह से नोंच डाला। मौके पर मौजूद लोगों ने कुत्तों को भगाया और बच्चे को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, वहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया है। जानकारी के मुताबिक, हमला करने वाले आवारा कुत्तों की संख्या सात थी।
घरों से बाहर नहीं निकलते बच्चे : विकास जैन
उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन ने कहा कि हम सभी को मिलकर स्ट्रीट डॉग को सोसाइटी से बाहर करना चाहिए और डॉग लवर के घर सारे स्ट्रीट डॉग इक_ा कर भेज देना चाहिए। जिसका बच्चा जाता है उस मां-बाप को पता चलता है कि उन्होंने कैसे उसका लालन पोषण किया था, कैसे उसको जन्म दिया था। सोसायटी में घूम रहे कुत्तों की वजह से हमारे बच्चे घरों से बाहर नहीं निकलते। करोड़ों रूपये के फ्लैट लेकर भी हम लोग असुरक्षित महूसस करते हैं।
सोसाइटी के लोग कुत्ते से परेशान
एओए उपाध्यक्ष धर्म वीर यादव ने बताया कि सोसाइटी के लोग कुत्ते से परेशान हैं। कई बार सोसाइटी की तरफ से इस समस्या को ठीक करने का प्रयास किया गया लेकिन समाधान नहीं हो पाया। सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि कुछ दिन पहले यहां मौजूद कुत्तों को स्टरलाइज किया गया था जिसके बाद वापस यहीं लाकर छोड़ दिया गया। इससे समस्या और बढ़ गई। घटना के बाद लोगों ने पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर बच्चे का हाल जाना।
स्ट्रीट डॉग की धरपकड़ शुरू
नोएडा के सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवार्ड सोसायटी के निवासियों के बीच पहुंचे नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश ने लोगांे से कहा कि कुत्तों को पकड़ने के लिए सोसायटी में गाड़ी भेज दी गयी है। यहां से कुत्ते पकड़कर शेल्टर होम भेजा जाएगा और उनके व्यवहार का अध्ययन करके एक महीने बाद उन्हें इसी स्थान पर छोड़ा जाएगा। उन्हांेने कहा कि कोर्ट के आदेश के चलते यह प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। उन्हांेने बताया कि 2017 से कुत्तों का स्ट्रेलाइजेशन चल रहा है और अब तक 40 हजार कुत्तों का स्ट्रेलाइजेशन किया जा चुका है। उन्हांेने बताया कि इस घटना के जांच के लिए कमेटी बनाई गई है जो दो दिन मंे रिपोर्ट देगी। इस घटना के बाद प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोसायटी में घूम रहे स्ट्रीट डॉग को पकड़ना शुरू कर दिया।