
Noida News : नोएडा शहर तथा इस शहर में रहने वालों के लिए 19 नवंबर 2023 को पड़ने वाला रविवार का दिन बेहद अहम है। दरअसल, 19 नवंबर को होने वाले चुनाव में नोएडा शहर का अगला ''मेयर'' चुना जाएगा। इस चुनाव को लेकर व्यापक जोड़ तोड़ शुरू हो गई है। नोएडा के मेयर का चुनाव मात्र 424 मतदाता करेंगे।
आपको बता दें कि शहरी निकाय व्यवस्था में उत्तर प्रदेश के महानगरों में स्थापित नगर निगम के अध्यक्ष को मेयर कहा जाता है। अब आप सवाल पूछ सकते हैं कि नोएडा शहर में ना तो नगर पालिका है और ना ही नगर निगम है तो फिर मेयर कैसे ? इस सवाल का जवाब हम आपको विस्तार से देने वाले हैं।
दरअसल, नोएडा शहर का का संचालन उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम 1976 (Uttar Pradesh Industrial Development Act 1976) के तहत किया जाता है। इस शहर के संचालन का जिम्मा नोएडा प्राधिकरण के पास है। 1976 के औद्योगिक विकास अधिनियम में नगर निकाय बनाने का प्रावधान नहीं है। इसी कारण नोएडा के नागरिकों ने अपने अपने सेक्टर की बेहतर व्यवस्था के लिए रैजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) बना रखी है।
नोएडा शहर की सभी आरडल्ब्यूए केा मिलाकर फैडरेशन आफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन यानि फोनरवा नामक संगठन बनाया गया है। नोएडा शहर के अधिक्ता सेक्टरों का प्रतिनिधितव करने के कारण फोनरवा को नोएडा की सबसे महत्वपूर्ण संस्था माना जाता है। जिस प्रकार नगर निगम किसी शहर की सबसे बड़ी संस्था होती है उसी प्रकार गैर अधिकारिक तौर पर ही सही फोरनवा नोएडा शहर की सबसे अहम संस्था है। यही कारण है कि नोएडा शहर के नागरिक फोनरवा के अध्यक्ष को मेयर के नाम से भी पुकारते हैं। वर्तमान में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र शर्मा फोनरवा के अध्यक्ष हैं। फोनरवा का अगला अध्यक्ष चुनने के लिए 19 नवंबर को चुनाव होगा।
आगामी 19 नवंबर को फोनरवा का अध्यक्ष यानि नोएडा शहर का मेयर चुनने के लिए मतदान होगा। इस चुनाव के लिए वर्तमान अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा तथा नोएडा शहर की सेक्टर 27 RWA के अध्यक्ष राजीव गर्ग के गुट आमने सामने हैं। योगेंद्र शर्मा गुट की तरफ से केके जैन फोनरवा के महासचिव पद का चुनाव लड़ेंगे। वहीं राजीव गर्ग गुट की तरफ से सुखदेव शर्मा महासचिव पद के प्रत्याशी हैं। फोनरवा के अन्य पदों के लिए पैनल की घोषणा कोई से भी गुट ने अभी तक नहीं की है।