
Noida News : यूपी के नोएडा शहर में अवैध रूप से मीट, मुर्गा व मछली की बिक्री किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। नोएडा शहर के औद्योगिक सेक्टर में चल रहे इस कारोबार से यहां करोड़ों रूपये का पूंजी निवेश करके औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने वाले उद्यमी बेहद परेशान हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि इस अवैध कारोबार के कारण उन्हें उद्योगों का संचालन करने में समस्या पैदा हो रही है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में हिन्दुवादी सोच रखने वाली पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। भाजपा की सरकार में अवैध रूप से मीट, मुर्गा व मछली बेचे जाने को बेहद आपत्तिजनक कृत्य माना जाता है। हाल ही में उत्तर प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त अनीता सिंह ने प्रत्येक जनपद को लिखित आदेश जारी किए थे। आदेशों में कहा गया था कि बिना लाइसेंस अथवा पंजीकरण के किसी भी जनपद में मांस तथा मांस उत्पाद के विक्रय प्रतिष्ठान संचालित नहीं होने चाहिए। यदि कहीं भी ऐसी दुकानें संचालित होती पाई गई तो संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
आदेश में उन्होंने लिखा कि कुछ स्थानों पर गैर पंजीकृत संस्थान अवैध रूप से मांस तथा मांस के उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। संबंधित विभाग ऐसे प्रतिष्ठानों पर विधित कार्यवाही करे। यह आदेश नोएडा प्रशासन के पास भी आया है। उ.प्र. शासन के इस आदेश के बावजूद नोएडा शहर के सेक्टर-4 में नाले के ऊपर दो दर्जन से अधिक बकरे के मीट, मुर्गा तथा मछली की दुकानें लगी हुई हैं। कुछ नागरिकों के द्वारा शिकायत करने पर ये दुकानें बंद कर दी गयी थी। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत करके दुकानें फिर से शुरू कर दी गईं हैं।
बताया जा रहा है कि नोएडा सेक्टर-4 के उद्योगपतियों ने उनके सेक्टर में व्याप्त गंदगी तथा शाम को यातायात अवरूद्ध होने के कारण प्राधिकरण से शिकायत कर अवैध दुकानों को हटाने की मांग की थी। नोएडा प्राधिकरण ने उद्योगपतियों की शिकायत के मद्देनजर मीट के दुकानदारों को सेक्टर-8 में जगह आवंटित कर दी थी। सेक्टर-8 में दुकानों के आवंटन के बावजूद नोएडा के सेक्टर-4 में अवैध रूप से मीट की बिक्री का कारोबार पूरे नोएडा शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में नोएडा प्राधिकरण, नोएडा पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हैं। सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के संरक्षण में ही अवैध रूप से मीट व मछली बेचने का धंधा फल-फूल रहा है। अवैध रूप से चलार्ई जा रही दुकानों पर कोई भी सरकारी मानक नहीं अपनाया जा रहा है। गंदगी के बीच बेचे जा रहे मीट व मछली से उसे खाने वालों के स्वास्थ्य को भी खतरा बना हुआ है।