
Noida News : एक ओर जहां राज्य सरकार कारोबारियों को समय से टैक्स जमा करने के लिए बार बार आगाह कर रही है, वहीं दूसरी ओर यूपी के हाईटेक सिटी नोएडा के 11 हजार से ज्यादा व्यापारी टैक्स की रकम डकार रहे हैं। ये वें व्यापारी हैं जो प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार करते हैं, लेकिन टैक्स देने के नाम पर उनके पास एक रुपया भी नहीं है।
उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग ने नोएडा के ऐसे कारोबारियों का पता लगाया है, जो प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार करते हैं, लेकिन सरकार को एक रुपये का टैक्स नहीं देते हैं। सरकार के हिस्से टैक्स डकारने वाले 11 हजार 962 व्यापारियों को चिन्हित किया गया है। दरअसल, सरकारी टैक्स डकारने वाले इन कारोबारियों का पता आर्टिफिशियल इंटलीेजेंस (एआई) के जरिए लगाया गया है।
आपको बता दें कि कर चोरी वाले लोगों का पता लगाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग एआई का सहारा ले रहा है। टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों का पता लगने के बाद राज्य कर विभाग इन कारोबारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है। संभावना जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में टैक्स चोरी करने वाले नोएडा के 11 हजार 962 व्यापारियों के खिलाफ कार्यवाही अमल में ला सकता है।
विभागीय अधिकारियों ने एआई के जरिए पता लगाया है कि नोएडा के लाखों रुपये का कारोबार करने वाले इन व्यापारियों ने एक रुपये का भी टैक्स अदा नहीं किया है। 8356 व्यापारी तो ऐसे हैं जिन्होंने रिटर्न तक दाखिल नहीं किया है। विभाग की ओर से जल्द ही इन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे।
नोएडा में जीएसटी की अडिशनल कमिश्नर ईशा दुहन ने बताया कि विभाग की ओर से समाधान योजना चलाई जा रही है। इसके तहत डेढ़ करोड़ रुपये तक का सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को महज एक प्रतिशत ही टैक्स देना होता है। इसकी प्रक्रिया भी बेहद आसान है। दीपावली पर कारोबारी गतिविधियों के बढ़ने के साथ-साथ कर चोरी के मामले में भी बढ़ जाते हैं। इस पर शिकंजा कसने के लिए राज्य कर विभाग की ओर से जोन में 14 प्रवर्तन दल गठित किए गए हैं, जिन्हें आने-जाने वाले माल की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी प्रवर्तन दलों को अभी से सक्रिय कर दिया गया है।