
Noida News (चेतना मंच)। यूपी की धर्म नगरी अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा कराने वाले विद्वान आचार्यों में नोएडा के सेक्टर 45 के आचार्य चंद्रभानु शर्मा भी शामिल हैं। शनिवार को उनके नोएडा पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया।
आपको बता दें कि 500 वर्षों की अथक तपस्या व परिश्रम का फल 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में कौशल्या आनंद वर्धन, दशरथ नंदन, जानकी वल्लभ, भगवान श्री राम के बाल रूप की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। इस अवसर पर भारत ही नहीं अखिल विश्व में भगवान राम के लिए लोगों ने मिठाइयां बांटी, मंगल गीत गाए, अपने मंदिरों और चौराहों को सजाया। प्राण प्रतिष्ठा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के कर कमल से हुई। नोएडा के लिए बड़े गौरव की बात है कि जनपद के एक छोटे से गांव लुक्सर में पैदा हुए एक सामान्य से बालक ने वेदों में इतनी पारंगता प्राप्त कर ली है कि उन्होंने रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पूजा करने वाले मुख्य पुजारियों में अपना स्थान बनाया। इससे पूर्व भी जब अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के द्वारा मंदिर हेतु शिलान्यास का कार्यक्रम रखा गया था, उस समय पर भी आचार्य चंद्रभानु शर्मा ने मुख्य पुजारी की भूमिका निभाई थी।
आचार्य चंद्रभान गौतमबुद्धनगर जिले के लुक्सर गांव में बहुत ही साधरण परिवार में पैदा हुए। प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही छठवीं क्लास तक गांव में पढ़ाई की। उनके बाद कामकोटी विद्यालय वसंत कुंज में आगे की पढ़ाई और वेद अध्ययन शुरू किया। परम पूज्य, परम आचार्य, बैकुंठ लोकवासी आचार्य महादेव के सानिध्य में वेद का अध्ययन किया। उसके बाद पूरे भारत के अनेकों वेद विद्यालयों में अध्ययन अध्यापन का कार्य किया।
आचार्य चंद्रभानु शर्मा सेक्टर-45 स्थित सदरपुर में पहुंचे तो उनका बहुत ही गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के उमानंदन कौशिक ने बताया कि आचार्य चंद्रभानु बहुत ही विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं। वेद इनको कंठस्थ है।