
Noida News : उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी नोएडा को यूपी जान और शहरों की शान कहा जाता है। किसी न किसी मामले में नोएडा शहर हमेशा नंबर वन पर रहता है। इस बार भी नोएडा (गौतमबुद्धनगर जनपद) ने एक ऐसा काम किया है, जिससे वह प्रदेश की टॉप 10 सूची में शामिल हो गया है। बीमार लोगों को इलाज देने में अपना जिला उत्तर प्रदेश में दूसरे नंबर पर आया है। वहीं आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाने में इस जिले में दसवां स्थान प्राप्त किया है।
आपको बता दें कि वर्ष 1976 में बसा नोएडा शहर अपनी स्थापना के बाद से निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है। अब बात जनहित से जुड़े मामलों की रही हो या अन्य। सभी नोएडा (गौतमबुद्धनगर जनपद) ने अग्रणी भूमिका निभाई है।
आपको बता दें कि आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के लिए केंद्र सरकार द्वारा सितंबर 2018 में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत फ्री में इलाज कराए जाने की सुविधा मिलती है। सरकारी अस्पताल ही नहीं बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी यह सुविधा दी जाती है। इस योजना के तहत परिवार का एक कार्ड बनता है। कार्ड बनने के बाद इलाज का सारा खर्च सरकार उठाती है। फिलहाल इस योजना के तहत पांच लाख रुपये के खर्च वाला इलाज किसी भी अस्पताल में कराया जा सकता है।
गौतमबुद्धनगर जनपद के अस्पतालों की बात करें तो यहां के अस्पतालों में 49 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज हो चुका है। इसमें से अधिकतर मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में हुआ है। खास बात यह है कि दूसरे जिलों से आकर भी मरीज इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेश में इलाज देने के मामले में दूसरे और कार्ड बनाने में 10वें स्थान पर है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक का इलाज मिलने का प्रावधान है। इसके लिए परिवार के हर सदस्य का आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है। योजना का लाभ देने के लिए जिले में 2.16 लाख कार्ड बनाए जाने हैं। इसमें से अब तक 1.61 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। पिछले दो महीने में कार्ड बनाने में तेजी आई है। बचे हुए लोगों के कार्ड बनाने के लिए विभाग की ओर से कैंप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।
योजना के तहत जिले के 42 अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के सूची में शामिल किए गए में हैं। इन अस्पतालों में जाकर फ्री में इलाज कराया जा सकता है। अब तक 49,333 लोगों ने निशुल्क इलाज कराया है। निजी अस्पतालों का कहना है कि इस योजना के तहत बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, मथुरा से आकर भी मरीज इलाज करा रहे हैं। बाहर से आए लोगों की वजह से आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।