नोएडा एयरपोर्ट से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार, हजारों नौकरियों का अवसर
भारत
चेतना मंच
24 Sep 2025 01:05 PM
जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एडवांस तकनीक और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह नोएडा एयरपोर्ट न केवल भारत का सबसे बड़ा बल्कि दुनिया के चौथे सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में उभरने वाला है। नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, पूरी तरह संचालित होने पर यह नोएडा एयरपोर्ट प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 15 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करेगा। Noida News :
एविएशन आपरेशंस और टर्मिनल स्टाफ की जरूरत
विमानों की शुरुआत के साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) आफिसर, टेक्नीशियन और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ की मांग बढ़ेगी। इसमें विमान की साफ-सफाई, रखरखाव, बैगेज हैंडलिंग, लोडिंग और अनलोडिंग के लिए रैंप आॅपरेटर और बैगेज हैंडलर शामिल हैं। 5,845 हेक्टेयर में फैले एयरपोर्ट में 80 एकड़ में विशाल कार्गो टर्मिनल बन रहा है। यह देश का सबसे बड़ा कार्गो हब होगा, जिससे कार्गो हैंडलर, लॉजिस्टिक्स कोआर्डिनेटर, वेयरहाउस मैनेजर और कोल्ड स्टोरेज आॅपरेटर जैसे पदों पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
फूड कोर्ट, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी स्टाफ की मांग
एयरपोर्ट में यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। फूड कोर्ट, दुकानों और रेस्तरां में शेफ, सेल्स स्टाफ और कैशियर की जरूरत होगी। साथ ही रिटेल और हॉस्पिटैलिटी मैनेजर की भी मांग बढ़ेगी। एयरपोर्ट के आसपास होटलों और गेस्ट हाउस की संख्या बढ़ने से होटल मैनेजर, रिसेप्शनिस्ट और हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए भी नौकरियों के अवसर मिलेंगे।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए कस्टम्स और इमिग्रेशन आॅफिसर की जरूरत होगी। एयरपोर्ट पर पुलिस स्टेशन और फायर ब्रिगेड की तैनाती भी होगी, जिससे स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिल सकेगा।
एयरपोर्ट आपरेशंस मैनेजर और पायलट की आवश्यकता
एयरपोर्ट संचालन शुरू होते ही एयरपोर्ट आपरेशंस मैनेजर, पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट्स की जरूरत होगी। सुरक्षा के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) और निजी सुरक्षा एजेंसियों की मदद ली जाएगी।
एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन के साथ सिविल इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और आईटी प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ेगी। एयरपोर्ट के डिजिटल सिस्टम, जैसे चेक-इन कियोस्क, सुरक्षा और नेटवर्किंग के लिए कुशल तकनीकी स्टाफ की जरूरत होगी। Noida News