
Noida News (चेतना मंच)। टॉयलेट निर्माण को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने ऐसा काम किया है कि नोएडा से लेकर लखनऊ और दिल्ली में केंद्र सरकार तक तारीफ हो रही है। केंद्र सरकार ने नोएडा प्राधिकरण द्वारा पैसा खर्च किए बिना सर्वाधिक टॉयलेट बनाने तथा उनका निरंतर अनुरक्षण करने के कार्य को सराहा है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत विश्व टॉयलेट दिवस पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा चेन्नई में दो दिवसीय नेशनल कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में नोएडा प्राधिकरण के प्रतिनिधि के तौर पर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक गौरव बंसल ने अपने विचार रखे तथा इस मुद्दे पर अपना प्रस्तुतिकरण किया।
वरिष्ठ प्रबंधक गौरव बंसल ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण ने एक पैसा खर्च किए बिना देश में सर्वाधिक टॉयलेट बनाकर संचालित कर रहा है। जिनमें 120 यूरिनल ब्लॉक, 117 पब्लिक टॉयलेट, 67 कम्युनिटी टॉयलेट तथा 16 पिंक टॉयलेट सम्मिलित हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के अन्तर्गत नोएडा को ODF++ सर्टिफ़ाई करने में इन टॉयलेट के निर्माण का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
टॉयलेट के निर्माण व संचालन का यह मॉडल अपने आप में अनूठा है। जहां शौचालय के निर्माण में कोई सरकारी व्यय नहीं किया गया है और न ही इनके संचालन या अनुरक्षण के लिए इन टॉयलेट का प्रयोग करने वालों से शुल्क लिया जाता है। शौचालय बनाने वाली संस्था एडवरटाइजमेंट की राशि से शौचालय के संचालन तथा अनुरक्षण करती है। यह मॉडल पूरे देश में रोल मॉडल बनकर उभरा है। जिसकी केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रशंसा की है तथा अन्य शहरों को भी प्राधिकरण के अनुभव से लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया है।