
Noida News : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानि जेवर एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIEDA) द्वारा निकाली गई प्लाटों की योजना से यमुना प्राधिकरण को मिली अपार सफलता के बाद अब नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) में भी उत्साह का संचार हुआ है। यमुना प्राधिकरण की इस सबसे बेहतरीन योजना से सीख लेकर नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) भी अब प्लाटों की योजना लांच करने की योजना बना रहा है। संभावना जताई जा रही है कि नोएडा प्राधिकरण अपनी इस योजना को जल्द ही लांच कर देगा।
आपको बता दें कि नोएडा ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र और दिल्ली एनसीआर में निवास करने वाले लोगों को बने हुए फ्लैटों से ज्यादा प्लाटों की योजना पसंद आ रही है। इसका ताजा उदाहरण यमुना प्राधिकरण द्वारा निकाली गई प्लाटों की योजना से मिलता है। यमुना प्राधिकरण ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के पास नया शहर बसाने के लिए प्लाटों की योजना निकाली थी। 1184 आवासीय भूखंडों की इस योजना को इतना पसंद किया गया कि इस स्कीम में 154797 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। इस स्कीम का ड्रा होना बाकी है।
यमुना प्राधिकरण द्वारा निकाली गई प्लाटों की योजना में मिली अपार सफलता के बाद अब नोएडा प्राधिकरण भी प्लाटों की स्कीम लांच करने की तैयारी कर रहा है। यह सभी प्लाट पूरी तरह से आवासीय होंगे। नोएडा प्राधिकरण 400 प्लाटों की आवासीय स्कीम लांच करेगा। प्राधिकरण की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस स्कीम में वैसे प्लॉट भी होंगे, जो पुरानी स्कीम में लाए गए थे लेकिन इनको किसी ने नहीं खरीदा था। इसके अलावा सेक्टर- 151 में फ्रेश प्लॉट भी होंगे, जिसे हाल ही में प्राधिकरण ने विकसित किया है। यहां गोल्फ कोर्स और हेलीपोर्ट जैसी परियोजनाएं चल रही हैं, जिसके आने के बाद आवासीय सेक्टर में जमीन की मांग और बढ़ेगी। अगले माह यानि अक्टूबर में यह स्कीम लांच कर दी जाएगी।
यमुना प्राधिकरण द्वारा निकाली गई प्लाटों की स्कीम के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। इस बारे में रियल स्टेट बिजनेस से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि लोग बिल्डरों की मनमानी से परेशान हो चुके हैं। बिल्डर द्वारा फ्लैट खरीदने के कई सालों बाद भी लोगों को मालिकाना हक नहीं मिलता है। जबकि किसी भी अथारिटी द्वारा निकाली जाने वाली स्कीम पर लोग ज्यादा भरोसा करते हैं। इसके अलावा प्लाटों की स्कीम को पसंद किए जाने का एक बड़ा कारण यह है कि प्लाट लेने के बाद व्यक्ति अपनी पसंद के अनुसार अपना मकान बना सकता है, जबकि फ्लैटों की स्कीम में ऐसा नहीं होता है।
आपको बता दें कि नोएडा वर्ष 1976 में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण 1976 के तहत बसना शुरू हुआ था। अब यह शहर भारत ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे सुंदर तथा व्यवस्थित शहरों में से एक शहर है। इस शहर को बसाते समय हर नागरिक की सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। नोएडा शहर की ठीक बगल में ग्रेटर नोएडा शहर विकसित हुआ है। इस शहर को भारत का सबसे सिस्टेमैटिक बसाया गया शहर माना जाता है।
अब ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा शहर तक लगभग 150 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल पर एक नया शहर बसाया जा रहा है। इस शहर विधिवत नामकरण होना बाकी है। अभी तक इस शहर को यमुना के नाम से जाना जाता है। इस शहर को उत्तर प्रदेश सरकार की देखरेख में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यीडा बसा रहा है। दावा यह किया जा रहा है कि यह शहर एशिया का सबसे सुंदर एवं अत्याधुनिक शहर तो होगा ही साथ यह शहर विश्वभर का भी सबसे सुंदर शहर बनाया जाएगा। यही कारण है कि यमुना सिटी में हर कोई मकान, दुकान, फैक्ट्री अथवा प्लाट लेना चाहता है। Noida News